हजारीबाग । सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, कुम्हारटोली, पारनाला में ‘जनजातीय गौरव दिवस 2021’ पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि डॉ मंजुला सांगा पूर्व विभागाध्यक्ष ,हिंदी विभाग ,विनोबा भावे विश्वविद्यालय ,हजारीबाग ने दीप प्रज्वलन एवं सिद्धू ,कानू ,मुर्मू एवं बिरसा मुंडा सहित पूरे जनजातीय समाज के प्रति श्रद्धांजलि दी। मौके पर उन्होंने कहा आदिवासी जनजातीय समाज का आजादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अमृत महोत्सव के इस कार्यक्रम में जनजातीय समाज के आदर्शों को आत्मसात करने का यह समय है। संकल्प लेने का समय है। उन्होंने भारतीय स्वाधीनता संग्राम में आदिवासी जनजातीय समाज के वीरता एवं पराक्रम को बताते हुए विभिन्न आंदोलनों के बारे में विस्तार से बताया जिसके कारण भारत स्वाधीन हुआ। कार्यक्रम में विद्यालय के भैया- बहनों ने सिद्धू, कानू, मुर्मू एवं चांद भैरव का रूप धारण कर दर्शकों एवं श्रोताओं का मन मोह लिया। मौके पर संस्कार केंद्र की बहनों को विद्यालय के घोष वादक भैया -बहनों के द्वारा लाए उपहार को देकर उन्हें सम्मानित किए भी किया गया। । कार्यक्रम में हजारीबाग विभाग के सह विभाग निरीक्षक , तुलसी प्रसाद ठाकुर ने जनजातीय गौरव दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा भैया -बहन आप सभी सिद्धू, कानू ,मुर्मू एवं बिरसा मुंडा के आदर्शो को आत्मसात करें साथ ही देश सेवा का संकल्प आप ले ।मौके पर विद्यालय के आचार्य शुभलता कुमारी, संगीता अंबष्ठ, अनिल कुमार एवं संजुक्ता कुमारी ने भी संबोधित किया । कार्यक्रम में विद्यालय के आचार्य तारकेश्वर राय एवं संजू कश्यप ने आदिवासी गीत प्रस्तुत कर मंत्रमुग्ध कर दिया। गौरतलब है कि विद्यालय की आचार्य रूमी सरकार की प्रोन्नति प्रधानाचार्य के रूप में मुसाबनी विद्यालय में हुई ।इस निमित्त विद्यालय में स्नेह मिलन कार्यक्रम का भी आयोजन हुआ ।मौके पर उन्हें अंग वस्त्र एवं उपहार आदि भेंट कर सम्मानित भी किया गया ।कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त आचार्य बंधु- भगिनी एवं भैया- बहन उपस्थित थे।