हजारीबाग । देश की बात फाउंडेशन ने सर्किट हाउस कांफ्रेंस रूम में रोजगार संवाद किया । देश की बात फाउंडेशन के डिस्ट्रिक कोर्डिनेटर अभिषेक कुमार ने बताया इसमें सकारात्मक राष्ट्रवाद की समान विचारधारा वाले विश्वविद्यालय एवं कॉलेज के छात्र छात्राओं तथा सभी छात्र संगठन , युवा संगठन , अध्यापक संगठन , महिला संगठन , श्रमिक संगठन , किसान संगठन , व्यापारी संगठन , N.G.O. , R.W.A. एवं अन्य संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए ।

रोजगार संवाद में सकारात्मक राष्ट्रवाद, राष्ट्रीय रोजगार नीति पर चर्चा किया गया । सकारात्मक राष्ट्रवाद – मोहब्बत के आधार पर देश को जोड़ने और देश में सबके हिस्सेदारी और साझेदारी की बात करता है । बेरोजगारी की समस्या और समाधान- राष्ट्रीय रोजगार नीति पर देश की बात फाउंडेशन झारखंड के सेंट्रल कोर्डिनेटर भानु भारतीय ने कहा – आज देश बेरोज़गारी के भयावह संकट से जूझ रहा है । बड़ी – बड़ी डिग्रियां लेकर भी युवा आज काम के लिए दर – दर भटक रहे हैं । रोज़गार का नया सृजन करना तो दूर देश भर में लाखों खाली पड़ी सरकारी वेकैंसी पर भर्ती नहीं की जा रही है , जहां भर्ती हो भी रही है , ठेकेदारी व्यवस्था के तहत हो रही है , जिस काम करने के बावजूद भी लोगों को सम्मानपूर्वक जीवन जीना मुश्किल हो रहा है । प्राइवेट सेक्टर में भी रोजगार के नए अवसर पैदा होने की जगह छटनी की तलवार लोगों के सर मंडरा रही है । बेरोज़गारी की समस्या के समाधान के लिए भारत में आज़ादी के बाद जिस तरह की नीतियां बनाने की ज़रूरत थी , हमारी अब तक की सरकारों ने वैसी नीतियां नहीं बनाई । आज देश को एक राष्ट्रीय रोजगार नीति की जरूरत है जो भारत में सभी युवा के रोजगार की गारंटी कर सके । देश की बात फाउंडेशन ने राष्ट्रीय रोजगार नीति का मसौदा तैयार कर लिया है ।