रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ दो दिवसीय स्वर्ण जयंती समारोह सम्पन्न

मौके पर महाविद्यालय के सभी शिक्षकों व शिक्षकेत्तर कर्मियों कर्मियों को शॉल , पुष्पगुच्छ और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया

रांची। गोस्सनर कॉलेज द्वारा आयोजित दो- दिवसीय स्वर्ण जयंती समापन गुरुवार को सम्पन्न हुआ । कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज की क्वायर ग्रुप द्वारा ईश वंदना /प्रार्थना से हुई । जहां ‘हे ईश्वर सेवा में मुझको ले गीत सहित कई गीत प्रस्तुत किये गए । साथ ही प्रमेश्वर के प्रति धन्यवाद निवेदित किया गया । मौके पर मौजूद जीएल चर्च के मोर्डरेटर विशप जोहान डांग ने कहा कि परमेश्वर से प्रार्थना है कि वह कॉलेज पर इसी प्रकार आशीष बनाए रखे। इसके पश्चात बॉटनी विभागध्यक्ष सह कार्यक्रम समन्वयक डॉ नीरजा ओझा ने अपने स्वागत वक्तव्य में आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह हमलोगों के लिए स्वर्णिम अवसर है । मैं महाविद्यालय के नए भवन को बनते देखी हूँ । यहाँ जिन पौधों को मैंने अपने हाथों से लगाया था वो आज विशाल वृक्ष बनकर कॉलेज की महिमा बढ़ा रहा है । गोस्सनर कॉलेज आज विशाल बट वृक्ष की तरह खड़ा है । जनसंचार विभाग के द्वारा कॉलेज की डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई । जहां कॉलेज के संस्थापक प्राचार्य ( अब स्वर्गीय )विशप डॉ. निर्मल मिंज के वक्तव्य को भी उसमें शामिल किया गया । जहां उन्होंने महाविद्यालय के स्थापना से जुड़ी संघर्ष यात्रा बताई |

कार्यक्रम में कॉलेज के सभी टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ को सम्मानित किया गया। वही कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत की गई जिसमें सबसे पहले प्रेयर डांस वैशाली ग्रुप के द्वारा किया गया। उसके बाद ट्विन सिस्टर ने रीमिक्स गाने पर अपने नृत्य की प्रस्तुति दी। वही आरटीडी ग्रुप में कोई दीवाना पागल कहेना गाने पर दर्शकों की तालियां बटोरी। कार्यक्रम में सबसे आकर्षण का केंद्र रहा बीकॉम के छात्र द्वारा- तेरी मिट्टी में मिल जावां गाने पर नृत्य की प्रस्तुति। वहीं कुछ छात्रों ने जीना जीना , तेरा यार हुँ मैं जैसे गाने गाए। कॉलेज के प्रो. गौतम एक्का ने ब्लोइंग इन द विंड गाने की प्रस्तुति दी। वही ढोलक मांदर की थाप में आदिवासी हॉस्टल की लड़कियां मुंडारी गाना ददाया बुरूतिरिल पर अपनी प्रस्तुति दी और दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। अंचल एंड ग्रुप ने ब्राउन मुंडे रीमिक्स गाने पर अपने नृत्य की प्रस्तुति दी। सुकन्या एंड ग्रुप ने नदियों पार…गाने पर प्रस्तुति दी। राहुल तिर्की ने नागपुरी गाना गोरी झारखंड वाली गाने पर सभी को खुब झुमाया। वही अदब द बैंड ग्रुप ने अपनी शानदार प्रस्तुति दी जहां आसिफ अहमद ने तेरी काली-काली जुल्फें बोल कफारा मेरे रश्के कमर जैसे गानों पर दर्शकों को खूब झुमाया। वहीं सहिया बैंड के मंगल करमाली ने सुंदर बड़ा लागेला हमर झारखंड गांव गाने पर दर्शकों को नाचने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम का मंच संचालन प्रो सेनेल टेटे, प्रो बुंदिप लकड़ा, प्रो जॉन डेनियल ने किया। वही कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर वर्सर प्रो आशा रानी केरकेट्टा ने किया । जुबली समारोह में मॉडरेटर बिशप जोहान डांग , मध्य डायसिस बिशप एम बिलुंग, मिस्टर लोतेम डुंगडुंग, डॉ.ई.आर टूडू, रेवरेन ममता बिलुंग, मिस्टर ए मुंडु, तीनों संकाय के डीन और सभी टीचिंग नॉन टीचिंग स्टाफ सहित सभी विद्यार्थी मौजूद थे।