चाईबासा। भाकपा माओवादियों ने चक्रधरपुर के केरा क्षेत्र में बैनर-पोस्टर लगाकर 2 दिसंबर से पीएलजीए का दो दशकीय वर्षगांठ समारोह एवं 21 वार्षगाँठ 2 से 8 दिसंबर तक मनाने का आह्वान किया है। इसके साथ ही भाकपा माओवादियों ने दंडकारण्य में ड्रोन हमला और भारतीय सेना उतारने का विरोध किया है। इसके साथ ही केंद्र के कृषि कानूनों का विरोध करते हुए किसानों के आंदोलन का समर्थन किया है। वहीं मंगलवार से गुरुवार तक तीन दिवसीय झारखंड बंद बुलाया है। जिसको लेकर पुलिस प्रशासन किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड़ पर तैयार है।मालूम हो की पोडाहाट जगल भाकपा माओवादी संगठनों के लिए एक सुरक्षित आश्रय स्थल माना जाता रहा है।लेकिन पिछले दो सालो से काई बडे नक्सली लीडर्स के सरेंडर करने और मार गिराये जाने के बाद से नक्सली बैकफुट पर आ गये।वहीं नक्सली अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए बंद के दौरान किसी भी समय बडी घटना को अंजाम दे सकते है।हालांकि नक्सली संगठन का हमेशा से ही रेलवे साफ्ट टारगेट्स रहा है।पिछले 20नवंम्बर की बंदी में भी रेलवे के स्लीपर को ही टारगेट कर बम से उडा दिया गया था।इस इसतरह की कोई घटना न हो रेलवे और जिला प्रशासन पुरी तरह से सतर्कता बरतने की कोशिश करेगा।