हजारीबाग । दिव्यांगों को न्याय दिलाने के लिए सीपीएम का धरना दिया । सीपीआई नेता सीटू कहा कि जिला प्रशासन की लापरवाही से 12 वर्ष से बंद पड़ा है दिव्यांग पुनर्वास केंद्र ।
राज्य नि:शक्तता आयुक्त के आदेश के बाद भी जिला प्रशासन ने नहीं भेजा केन्द्र खोलने का प्रस्ताव।केंद्र सरकार ने दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाने, वित्तीय दृष्टि से सबल बनाने, रोजगार से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण, पुनर्वास की व्यवस्था हेतु 1995 में विकलांग व्यक्ति समान अवसर अधिकारों का संरक्षण और पूर्ण भागीदारी अधिनियम बनाया था। इस अधिनियम को और मजबूत करने के लिए 2016 में इसमें संशोधन कर दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 बनाया । ताकि दिव्यांगों को उनके अधिकार की रक्षा हो सके और वह आत्मनिर्भर बनकर अपना जीवन यापन कर सके, पर इस कानून की धज्जियां खुले रूप से हजारीबाग में उड़ाई जा रही है। दिव्यांगों के लिए बने जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र,हजारीबाग 12 वर्षों से बंद है । बंद होने के कारण इसको मिलने वाला फंड भी प्रतिवर्ष लैप्स कर जा रहा है। इस केंद्र के माध्यम से दिव्यांगों की शिक्षा, रोजगार हेतु प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना कृत्रिम अंगों को बनाना और उसको बनाने का प्रशिक्षण देना सहित कई काम है पर 12 वर्षों से बंद रहने के कारण इसका लाभ दिव्यांगों को नहीं मिल पा रहा है। दिव्यांगों को प्रतिमाह मिलने वाला पेंशन तो कई दिव्यांगों का तो डेढ़ वर्षो से बंद है। पेंशन पाने के लिए लोग कभी प्रखंड और कभी जिला कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं पर इनको पेंशन नहीं मिल रहा है। कोरोना के बाद मार्च 2020 से आज तक प्रतिमाह दिव्यांगों की जांच हेतु लगने वाला शिविर भी नहीं लगा है ,जिसके कारण दिव्यांगों का नया प्रमाण पत्र बनना लगभग 2 वर्षों से बंद है। 4 जनवरी 2021 में जिला स्कूल के मैदान में दिव्यांगों के लिए एक शिविर लगाया गया था उस शिविर में जिले के 150 से अधिक दिव्यांगों को चिन्हित कर ट्राई साइकिल देने का आश्वासन दिया गया था ,परंतु आज तक किसी को ट्राई साइकिल नहीं मिला है। जब पूर्व प्रधानमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, पूर्व सरकारी अधिकारी, कर्मचारी को समय पर पेंशन उनके बैंक खाते में भेज दिया जाता है, तो फिर दिव्यांगों का पेंशन समय पर क्यों नहीं मिलता है एक बहुत बड़ा प्रश्न है ? इन्हीं तमाम मामलों को लेकर सीपीएम एक दिवसीय धरना उपायुक्त के समक्ष देकर उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय नि:शक्तता आयोग, नई दिल्ली को बंद केंद्र को खोलें ने, प्रतिमाह शिविर लगाने, समय पर पेंशन देने, केंद्र सरकार के दिशा निर्देश के अनुसार दिव्यांगों को ऋण देने, रोजगार हेतु प्रशिक्षण देने, 40% से अधिक विकलांगों को अंत्योदय योजना से जोड़ने एवं पीएम आवास देने सहित 10 सूत्री मांग पत्र सौंपा है।