हजारीबाग । एक गर्भवती मरीज सोनी कुमारी के बेहतर इलाज़ को सदर विधायक मनीष जायसवाल के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी एचएमसीएच अवस्थित लेबर रूम पहुंचे। मरीज की स्थिति जानने से पता चला उन्हें ए नेगेटिव ब्लड की आवश्यकता है। हजारीबाग के किसी भी ब्लड बैंक में ए नेगेटिव ब्लड उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीज को उनके परिजन रांची ले गए ।

सदर विधायक मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी बताते हैं कि इस जरूरतमंद मरीज को देखने जब मैं रात्रि करीब 11:30 बजे यहां पहुंचा तो पूरे लेबर रूम को अंधकारमय देख मर्माहित हुआ। उन्होंने बताया कि लेबर रूम जैसे संवेदनशील जगह अंधेरे में रहना जहां एक और जच्चा- बच्चा की जान दांव पर लगाने जैसा ही है वहीं लेबर वार्ड के बेडों पर करीब आधा दर्जन से अधिक मरीजों के परिजनों को सोया हुआ देख यह स्पष्ट प्रतीत हो रहा है कि अस्पताल प्रबंधन की नीति पूरी तरह ढुलमुल है। रंजन चौधरी ने कहा कि लापरवाह एचएमसीएच प्रबंधन के समक्ष जनहित की समस्याओं को बार-बार संज्ञान में लाने के बावजूद उनकी कुम्भकरणी नींद टूटने का नाम नहीं ले रही है और यहां आने वाले मरीजों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। अस्पताल के आपातकालीन सेवाओं के जगह पर रात्रि में अंधकार में होना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी कई बार ट्रामा सेंटर जैसे इमरजेंसी जगह को भी अंधेरे में देखा गया है और इसकी शिकायत भी एचएमसीएच के सुपरिटेंडेंट डॉ. विनोद कुमार और डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉ.अजय कुमार सिंह से की गई है। अस्पताल में सरकारी इलेक्ट्रीशियन के अलावे आउटसोर्स के जरिए भी इलेक्ट्रीशियन को रखा गया है और यहां बिजली कनेक्शन के अलावे सोलर सिस्टम भी लगाया गया है। बावजूद इसके बिजली कटौती की समस्या का समाधान नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है ।

विधायक मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी के मुताबिक थोड़ी देर के बाद यहां बिजली तो आई लेकिन फ्लेक्चुएट जारी रहा। उन्होंने यहां पदस्थापित पुलिसकर्मियों से आग्रह करके लेबर रूम के बेडों में प्रसूति मरीजों के साथ और बगल में सोए पुरुषों को समझा-बुझाकर बाहर करवाया ।