टंडवा( चतरा) | आम्रपाली परियोजना से हमेशा कोयला चोरी का मामला प्रकाश में आता है और सीसीएल प्रबंधन के द्वारा कुछ लिफ्टरो ट्रक के चालकों तथा ट्रक के मालिकों के ऊपर थाना में मुकदमा दर्ज कर खानापूर्ति करते हुए मामला को रफा-दफा कर दिया जाता है। जानकार बताते हैं कि कोयला चोरी विषय पर पुलिस अगर सही दिशा और सही ढंग से जांच की तो सीसीएल के कई अधिकारीयों का मिलीभगत सामने आना तय है। सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि सीसीएल प्रबंधन के कुछ अधिकारी और कर्मी के सहयोग के बिना कोयला चोरी करना संभव नहीं है क्योंकि कोयला डंप और कांटा घरों में कार्यरत सीसीएल कर्मियों की कार्य भूमिका काफी अहम और महत्वपूर्ण होती है। जिन्हें दरकिनार कर कोयला चोरी कर पाना असंभव है, जिसमें कुछ अधिकारियों का भी ऐसे कर्मियों को संरक्षण दिया जाता है। लेकिन अभी तक सीसीएल प्रबंधन अपने आप को बचाते हुए सिर्फ लिफ्टरो एवं ट्रक के चालकों के ऊपर मुकदमा दर्ज कर खानापूर्ति करने का काम करते आ रही है।