हजारीबाग। सिरसी ग्राम निवासी तुलसी कुशवाहा की 105 वर्षीय माता स्वर्गीय पुनिया देवी के आत्मशांति जागरण के उद्घाटन समारोह में पूर्व कॉन्ग्रेस विधायक प्रत्याशी हजारीबाग सह कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रमंडलीय अध्यक्ष डॉ आरसी मेहता ने कहा की शरीर नश्वर है । मृत्यु अकाट्य सत्य है पंच तत्व से बना शरीफ पंचतत्व में विलीन हो जाता है। “चलता चक्की देखकर दिया कबीरा रोय दो पाटन के बीच में साबुत बचा न कोई जो इस दुनिया में आया है उसे संसार से जाना निश्चित है” ससमय मृत्यु होना प्राकृतिक है, परंतु असमय मृत्यु होना परिवार के लिए बहुत दुखदाई होता है। पौराणिक धर्म शास्त्रों में105 वर्षों में मृत्यू होना सौभाग्य पूर्ण माना जाता है ।पुनिया देवी के 3 पुत्र दो पुत्री एवं 4 पीढ़ियां भरा पूरा परिवार है शोक संतप्त कुशवाहा परिवार परिवार को ईश्वर शक्ति एवं साहस दे,जागरण सभा में मुखिया भागवत मेहता पुत्र तुलसी कुशवाहा,मनोज कुशवाहा इत्यादि उपस्थित थे ।