साहिबगंज। राष्ट्रीय कानून दिवस के अवसर पर राजमहल व्यवहार न्यायालय परिसर में भारत के संविधान की प्रस्तावना का शपथ दिलवाया गया जिसमें जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय श्री संजय कुमार दुबे अवर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्री सूर्य मणि त्रिपाठी अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी, श्री धर्मेंद्र कुमार न्यायिक प्रथम श्रेणी अनुज कुमार एवं न्याय कर्मी आवा अधिवक्ता गण मौजूद थे जिसमें अनुमंडलीय विधिक सेवा समिति के सचिव श्री धर्मेंद्र कुमार के द्वारा मौजूद अधिवक्ता न्याय कर्मी को शपथ दिलाया गया और कहा कि हर भारतीय नागरिक के लिए हर साल 26 नवंबर का दिन बेहद खास होता है। दरअसल यही वह दिन है जब देश की संविधान सभा ने मौजूदा संविधान को विधिवत रूप से अपनाया था। यह संविधान ही है जो हमें एक आजाद देश का आजाद नागरिक की भावना का एहसास कराता है। जहां संविधान के दिए मौलिक अधिकार हमारी ढाल बनकर हमें हमारा हक दिलाते हैं, वहीं इसमें दिए मौलिक कर्तव्य में हमें हमारी जिम्मेदारियां भी याद दिलाते हैं। हर वर्ष 26 नवंबर का दिन देश में संविधान दिवस के तौर पर मनाया जाता है। 26 नवंबर को राष्ट्रीय कानून दिवस के रूप में भी जाना जाता है। 26 नवंबर, 1949 को ही देश की संविधान सभा ने वर्तमान संविधान को विधिवत रूप से अपनाया था। हालांकि इसे 26 जनवरी, 1950 को लागू किया गया था। कार्यक्रम में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष मणिलाल मंडल, सचिव दिलीप शाह ,मनिंदर सिंह, सुबोध कुमार महतो ,साहिल से सलामत अंसारी संत कुमार घोष, प्रदीप चौरसिया, सुमन कुमार निर्माण कृष्णकांत आदि अधिवक्ता गण मौजूद थे।