हजारीबाग । विनोबा भावे विश्वविद्यालय में होने वाले निविदा में आए दिन हो रही धांधली से विश्वविद्यालय की छवि धूमिल हो रही है।विश्वविद्यालय के पदाधिकारी और कर्मियों के मिलीभगत से सारे निकाले निविदाओं पर पैसे का लेनदेन किया जा रहा है। 26 नवंबर को महिला छात्रावास और चार दिवारी के मरम्मत के लिए निकाली गई निविदा का आख़री दिन था।विश्वविद्यालय के अभियंता अरविंद सिंह के द्वारा समय के बाद निविदा प्रपत्र पैसे के लेनदेन कर लेते हुवे छात्र नेताओं ने पकड़ा।पकड़ने के बाद मामले की जानकारी पूछने पर अभियंता ने छात्र नेताओं लद्दू यादव और प्रकाश यादव के साथ दुर्व्यवहार किया और मारने की धमकी दि।निविदा में भाग लिए कुल छः संवेदक थे जिनमे पूर्व से विश्वविद्यालय के कई कार्यों को कर रहे निवेदक जिससे यहाँ के पदाधिकारी और कर्मियों की मिली भगत है को ही इस निविदा में आपत्ति हुई है क्यूँकि निविदा ना मिलने का डर उन्हें था।जिसके कारण संवेदक और अभियंता ने मिल कर मामले को अंजाम दिया।वहीं विश्वविद्यालय के द्वारा निकाले गए सभी निविदा चाहे वो कैंटीन का हो या सुरक्षा कर्मियों का मामला हो सब में विश्वविद्यालय के निविदा को बार बार रद्द किया जा रहा है।अपने लोगों को जिनको विश्वविद्यालय निविदा देना चाहते हैं नहीं मिलने पर रद्द कर दिया जाता है।
झारखंड छात्र मोर्चा ने कुलपति से अनुरोध किया है कि इस मामलों की गम्भीरता को देखते हुवे निविदा करने की प्रक्रिया को सरकार को सौंप दिया जाए।वहीं अभियंता अरबिंद सिंह के बहाली और आय से अधिक सम्पत्ति को लेकर छात्र मोर्चा के पूर्व में दिए आवेदन को ध्यान में रखते हुवे जाँच कर कारवाई की जाए।