कोडरमा | कोडरमा कोर्ट परिसर के गेट पर अधिवक्ताओं ने धरना देकर पी डी जे पर आरोप लगाया कि उन्होंने कोर्ट परिसर के मुख्य द्वार पर उपस्थित पुलिस कर्मियों से कहकर अधिवक्ताओं एवं मुवक्किलों दरवाजों के अन्दर जब तक बोला जाए नही आएंगे बंद करवा दिया जिसके बाद अधिवक्ताओं ने आम बैठक कर आपसी सहमति से गेट पर धरना देना शुरू कर दिया उनका कहना था कि जब तक पी डी जे का यहां से स्थानांतरण नहीं हो जाता तब तक हम लोग अपने आप को न्यायिक कार्य से बाहर रखेंगे कोडरमा बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष धीरज जोशी ने कहा कि आज लोक अदालत है लोक अदालत का मतलब होता है लोगों का अदालत लोक अदालत हो या कोई भी अदालत 10:00 से लेकर 4:30 बजे तक यह पब्लिक ऑफिस है और पब्लिक ऑफिस में लोकायुक्त आते हैं या कोई भी आते हैं गेट बंद नहीं करना है उनका कहना था कि यहां बिहार के लोकायुक्त आ रहे हैं पहली बात बिहार के लोकायुक्त का कोडरमा जिला में क्या काम और दूसरा सवाल अगर वह ऑफिशियल विजिट में थे तो गेट बंद क्यों हुआ गेट बंद तो 10:00 से लेकर 4:30 बजे तक किसी भी तरीके से नहीं हो सकता है और जब भी कोई फैसला होता है तो कहा जाता है की फैसला सभी के सामने कोर्ट में हुआ और उन्होंने यह भी कहा कि मैं अपने संघ के साथ हूं उनका कोई भी फैसला हो मैं उनका पूरी तरह से सहयोग करूंगा। वहीं एसोसिएशन के महासचिव मनीष कुमार सिंह से बात करने के दौरान कहा कि आज लोक अदालत का गठन भी था और प्रतिदिन की भांति नियमित न्यायपालिका का कार्य भी चलना था जब हम सारे अधिवक्ता गण 10:30 बजे न्याय परिसर में आए तो हमें पता चला कि न्यायपालिका में प्रवेश करने के सारे मार्ग को बंद कर दिया गया है गेट पर लगे बॉडीगार्ड के द्वारा बताया गया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश का आदेश है कि किसी भी अधिवक्ता को न्यायालय परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा जबकि जिला एवं सत्र न्यायाधीश या न्याय मंडल के किसी भी पदाधिकारी के द्वारा कोडरमा अधिवक्ता संघ को इस संबंध में कोई भी पूर्व सूचना नहीं दी गई थी और मैं व्यक्तिगत रूप से प्रधान जिला सत्र न्यायाधीश से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने संपर्क करना उचित नहीं समझा वह यह भी कहते हैं कि हमारा संघ वर्षों से कोडरमा न्याय मंडल का समर्थन करते आ रहा है लेकिन प्रधान जिला न्यायाधीश के वर्तमान कार्यशैली से हमारा जो बार बेंच का संबंध रहा है वो आज छिन्न-भिन्न हुआ है पहले के इतिहास में ऐसा आज से पहले कभी नहीं हुआ था। हम लोग इस घटनाक्रम को लेकर आज अपने अधिवक्ता संघ परिसर में आम बैठक किए जिसमें सबके सहमति से यह निर्णय लिया गया है कि जब तक प्रधान जिला न्यायाधीश का स्थानांतरण नहीं हो जाता तब तक के लिए कोडरमा जिला अधिवक्ता संघ के सदस्य कोडरमा न्याय मंडल के सभी कार्यों से अपने आप को वंचित रखेंगे। वहीं कोडरमा बार एसोसिएशन की असिस्टेंट ट्रेजरर अधिवक्ता ऋतम कुमारी ने कहा कि आज लोक अदालत लगने वाला था जिससे कितना लोगों को न्याय कार्य में बाधा पंहुचा है उसका दोषी पूर्ण रूपेण पी डी जे होंगे वहीं के पी सिंह अधिवक्ता ने नारा लगाते हुए कहा कि पी डी जे की मनमानी नही चलेगी अधिवक्ता संघ जिंदा वाद वहीं
इस संबंध में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश से बात करने के दौरान उन्होंने कहा कि इस धरना की हमें कोई सूचना नहीं है साथ ही हमने इस संबंध में लोगों को फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने फोन भी उठाना उचित नहीं समझे