हजारीबाग । यू पी और पंजाब के विधानसभा चुनाव के डर से वापस हुआ कानून। 1 वर्ष से सड़कों पर संघर्षरत किसानों की आवाज संसद के दोनों सदनों में गूंजी और हठधर्मी सरकार झुक गई एवं किसानों की भारी जीत हुई। आज से आरंभ संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन लोकसभा में केंद्रीय कृषि मंत्री ने ” कृषि विधि नीरसन विधायक 2021″ पेश किया जिसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। इसके बाद राज्यसभा में भी इस विधेयक को केंद्रीय कृषि मंत्री ने रखा वहॉ भी विधेयक को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। इस बीच दोनों सदनों में विपक्ष ने कृषि विधि निरसन विधेयक 2021 पर बहस की मांग करते रहे, लेकिन अध्यक्ष द्वारा उनकी मांग को खारिज करते हुए दोनों सदनों में विधेयक को पारित कर दिया। महामहिम राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद तीनों काला कृषि कानून वापस हो जाएगा। यह किसानों की बहुत बड़ी जीत है और न्यूनतम समर्थन मूल्य ( एम एस पी ) पर कानून बनाने की लड़ाई अभी भी जारी है और आगे भी जारी रहेगी। सरकार के इस कदम को सीपीएम और सीपीआई स्वागत करती है और मांग करती है कि जिस तरह तीनों काला कृषि कानून को वापस लिया गया ठीक उसी तरह इसी शीतकालीन सत्र में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर विधेयक लाकर कानून तत्काल बनाया जाए जिससे किसानों के उपज का सही मुल्य मिल सके। सीपीएम के नेता गणेश कुमार सीटू और सीपीआई के नेता महेंद्र राम ने सरकार से मांग की है.