बड़कागांव। बड़कागांव से हजारीबाग तक बन रहे कन्वेयर बेल्ट में स्थानीय लोगों की उपेक्षा कर पैसे के बल पर बाहरी लोगों को नौकरी दिए जाने के मामले को लेकर विधायक अंबा प्रसाद की उपस्थिति में डाडीकला स्थित करणपुरा विस्थापित विकास समिति कार्यालय में स्थानीय ग्रामीणों एवं विस्थापित की मौजूदगी में बैठक हुई। कंपनी द्वारा स्थानीय लोगों को दरकिनार कर बाहरी लोगों को पैसे के दम पर रोजगार देने का कार्य किया जा रहा है जिसका ग्रामीणों द्वारा कड़ा विरोध किया जा रहा है इसलिए स्थानीय हितों की रक्षा हेतु निर्णय लिया गया कि स्थानीय लोगों को दरकिनार किया गया तो काम नहीं होने दिया जाएगा।

पूर्व में विस्थापितों को स्वास्थ्य सुविधा गांव में ही उपलब्ध कराई जाती थी जिसको स्थानांतरित करते हुए सीकरी कार्यालय में कर दिया गया है जिससे विस्थापित गांव के लोग स्वास्थ्य लाभ नहीं ले पा रहे हैं। सीकरी में सिर्फ कंपनी के कर्मियों को स्वास्थ सुविधा दे जा रही है। विस्थापितों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया नहीं कराया जा रहा है इसलिए इसे पुनः बहाल करने की भी मांग की गई। कंपनी में बाहरी लोगों का दबदबा है, जिसका ग्रामीणों ने एक स्वर में विरोध किया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विस्थापित गांव के समस्याओं के निराकरण हेतु कार्यालय में हर 15 दिनों के भीतर एक बैठक की जाएगी एवं कंपनी से जुड़ी मामलों को लेकर चर्चा एवं निष्पादन किया जाएगा।

इस अवसर पर विधायक अंबा प्रसाद ने कहा कि लगातार यह शिकायत मिल रही है कि कन्वेयर बेल्ट में स्थानीय लोगों को नौकरी ना देते हुए पैसे के दम पर बाहरी लोगों को नौकरी देने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैं यह आश्वस्त करती हूं कि बड़कागांव निवासियों के हक और अधिकारों की रक्षा करूंगी। बाहरी लोगों द्वारा स्थानीय लोगों के अधिकारों को कतई छीनने नहीं दिया जाएगा। कंपनी की इस कुनीति का पुरजोर विरोध किया जाएगा। बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि कंपनी के खिलाफ सभी को एकजुट रहने की आवश्यकता है तथा उन्हें अपने अधिकारों की रक्षा के लिए साथ मिलकर मजबूरी से चलना है। मौके पर मोहम्मद अनवर, पंकज कुमार, पदुम साव, हनीफ मियां, शमीम अंसारी, बरकत अली, रियासत हसन मसकुर आलम, निर्मल राम, कुलेश्वर राम, राजेश रजक, चंद्रिका साव, नेमधारी राम, मोहम्मद जमाल, मोहम्मद जब्बार, मोहम्मद कलाम, एनुल मियां के अलावा सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।