साहिबंगज। सीवरेज प्लांट के अस्तित्व को लेकर राजमहल विधायक अनंत ओझा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दिल्ली से एनएमसीजी झारखंड सरकार के नगर विकास विभाग के अधिकारी साहेबगंज जिला के उपायुक्त के साथ साहेबगंज शहर के चानन स्थित सीवरेज प्लांट (एसटीपी) व उससे से सटे आबादी वाले क्षेत्र में हो रहे गंगा कटाव को लेकर बीते दिनों बैठक की गयी थी उस बैठक में मै भी उपस्थित रहा था। उन्होंने ने कहा कि वर्तमान समय में जो गंगा कटाव हो रहा हैं इस गंगा कटाव को ले करके सीवरेज प्लांट हैं गंगा किनारे उसका अस्तित्व पर संकट आया हैं उसे बचाने को ले करके तकनीकी विशषज्ञों के साथ और निर्णय प्रकिया करने वाले अधिकारियों के साथ बैठक की थी।बैठक में तकनीकी विशेषज्ञ जिले के उपायुक्त अपना सुझाव दिया था उस बैठक में शामिल होने के कारण हमने एनएमसीजी के जो अध्यक्ष हैं राजीव रंजन मिश्रा को इस गंगा कटाव को ले करके तत्कालिक और दीर्घकालिक कई सुझाव दिए थे।प्रारम्भ में उनसे हमने आग्रह किया था कि नमामि गंगे के माध्यम से कई योजना साहेबगंज और राजमहल में चल रही हैं। उन्होंने ने कहा मुझे गर्व भी हैं कि झारखंड का पहला सीवरेज प्लांट और पहला सीवरेज युक्त शहर साहेबगंज और दूसरा राजमहल होने जा रहा है जो कि नमामि गंगे के माध्यम से हो रहा हैं।लेकिन.दुर्भाग्यजनक तरीके से जिस प्रकार गंगा में कटाव जारी हैं इसको ले करके विगत एक महीने से अधिक समय से हमने राज्य शासन के अधिकारी को विशेष करके मुख्यमंत्री को विभागीय सचिव को तकनीकी अधिकारी हैं उनको लगातार आग्रह करता रहा कि अब नागरिक आबादी और करोड़ो की लागत से बना हुआ जो सीवरेज प्लांट है उसका अस्तित्व खतरे में हैं मगर राज्य सरकार सुनने को तैयार नहीं हैं जिस कारण आज सीवरेज प्लांट अस्तित्व खतरे में नजर आ रहा है। उन्होंने ने कहा तकनीकी अधिकारियों का टीम लगातार अध्ययन भी कर रहा है इस गंगा कटाव को बचाने के लिए कटाव रोधी को रोकने के लिए। लेकिन अभी तक जो पहल होनी चाहिए वो पहल नहीं हो पाया हैं जिसके कारण से अब सीवरेज प्लांट का अस्तित्व खतरे में आ गया हैं नागरिक आबादी भी प्रभावित होने के कगार पर खड़ा हैं। और इसलिए हमने उन से आग्रह किया था कि दीर्घकालिक योजना के तहत पूर्व में भी हमने मांग किया था कि उच्चस्तरीय तकनीक के माध्यम से साहेबगंज शहर में तीन किलोमीटर राजमहल में नगर क्षेत्र में दो किलोमीटर का कतावरोधी कार्य करने के लिए एक दीर्घकालिक योजना एक तकनीकी विशेषज्ञों के टीम के साथ एक रचना खड़ा कर रिटेनिंग वॉल तैयार किया जाए कम्परिट का। कुछ तकनीकी पर आधारित जो रिटेनिंग वॉल हैं जो आने वाले पचास वर्षों का सोच को ले कर जिस कटाव के चपेट में ना आये। ये दोनों शहरों के लिए हमने पूर्व में भी इस कार्य के लिए आग्रह किया था।जिस प्रकार से राज्य शासन लगातार लापरवाही कर रही हैं जिस तेजी से कटाव हो रहा है हमने मार्च 2020 में विधानसभा में इस मामले को उठाया था मगर राज्य शासन के अधिकारियों ने विधानसभा के पटल पर मुझे उत्तर दिया कि इसका तकनीकी स्वीकृति प्रदान कर दी गयी हैं और अभी उस योजना से तीन योजना का शिलान्यास कियाlवो भी आधी अधूरी योजना का जहां 12 सौ मीटर का डीपीआर तैयार हो कर गया वहां मात्र 4 सौ मीटर पर कार्य प्रारंभ हो पाया हैं देख सकते जिस प्रकार साहेबगंज प्रखंड में गंगा कटाव जारी हैं इसको लेकर लगातार एक महीने से राज्य के मुख्यमंत्री के पास विभागीय अधिकारी पास जिले के उपायुक्त से आग्रह कर रहा हुँ। की इसका जल्द स्वीकृति प्रदान कर कार्य को प्रारम्भ किया जाए मगर राज्य शासन के लापरवाही के कारण सिर्फ तकनीकी विशेषज्ञों की टीम आती हैं और निरीक्षण कर चली जाती हैं। डीपीआर पर डीपीआर तैयार तो हो रहा है मगर अभी तक योजना का स्वीकृति प्रदान नही होना राज्य सरकार की लापरवाही को दर्शाता हैं।