साहिबगंज। ये कहानी है म्यूरझुटटी गांव की शमा परवीन की जो जिन्होंने सखी मंडल समूह से जुड़कर ब्यूटी पार्लर एवं श्रृंगार उत्पाद व्यवसाय से जुड़ी।शमा परवीन खुद को बहुत ही खुशनसिब मानती है की वह समूह की सदस्य बनी क्योंकि समूह से जुड़ने के बाद
उन्हेंअपने हुनर को निखारने का उनको मौका मिला, वह ब्युटि पार्लर का प्रशिक्षण प्राप्त करके बेरोजगार बैठी थी, कोइ
भी व्यवसाय करने के लिए भी उनके पास ना तो पुंजि था ना ही कोई साधन था,जिससे वह का दुकान या अपना ब्यूटी पार्लर खोल सके।क्षमा बताती हैं कि वह आर्थिक परेशानियों से जूझ रही थी जिस कारण वो हमेशा चिंतित रहती थी।उन्होंने बताया कि उनको लगने लगा की उन्होंने जो ब्युटि पार्लर का प्रशिक्षण प्राप्त करने में समय, मेहनत, पैसा और परिश्रम किया है वह सब बेकार हो जाएगा।वह बताती है कि उनके पति की इतनी आमदनी नहीं होती थी कि वह परिवार चला सके इसलिए वह स्वयं भी परिवार की जिम्मेदारी उठाने लायक बनना चाहती थी।तभी उन्हें गांव मे चल रहे सखी मंडल समूह के बारे में पता चला और उन्होंने समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। शमा कहती हैं कि उन्होंने समूह में बैठक करना और नियमित बैठक में भाग लेना शुरू किया तथा कुछ दिनों बाद उन्हें बैठक में पता चला कि सखी मंडल के जरूरतमंद सदस्यों को बैंक से ऋण लेकर सखी मंडल के माध्यम से ऋण की राशी उपलब्ध कराई जाएगी।
उसी क्षण उन्होंने था ना कि वह अपने प्रशिक्षण एवं अपने मेहनत को बर्बाद नहीं होने देंगी और अपना स्वयं का ब्यूटी पार्लर खोलेंगी तत्काल उन्होंने समूह से 15,000/- ऋण लेकर अपना श्रृंगार दुकान खोला तथा इस से हुई आमदनी एवं दोबारा समूह से ₹20000 का ऋण लेकर अपना ब्यूटी पार्लर भी खोला।
शमा परवीन बताती हैं कि अब गांव की सखी मंडल दीदियों को ब्यूटी पार्लर की सेवा गांव में ही उपलब्ध हो जाती है तथा उन्हें गांव से बाहर नहीं जाना पड़ता है।

शमा परवीन की मासिक आय श्रृंगार दुकान से
6000से 7000रू और ब्युटि पार्लर से 3000से 4000रू है, उनकी कुल आमदनी 9,000 से 11000रू है।
क्षमा कहती हैं कि वह बेहद खुश है तथा उनके परिवार का गुजारा अब बेहतर ढंग से चलता है साथ ही वह गांव की महिलाओं को अपना व्यवसाय करने के लिए लगातार प्रेरित भी करती हैं।