हजारीबाग । कटकमदाग बानादाग साइकिल साइडिंग मामले में विरोध का एक नया प्रकरण सामने आया है जिससे स्थानीय रैयत अब बैठक करने से भी वंचित रह रहे हैं। हजारीबाग के सदर विधायक मनीष जायसवाल बाना दाग साइडिंग के इर्द-गिर्द सहित प्रखंड क्षेत्र में अघोषित 144 धारा लागू कर रखी है जो अपने आप को सरकार के समानांतर साबित करने में जुटे हुए हैं। इसका खुलासा तब हुआ जब बुधवार को प्रभावित किसान बेरोजगार संघर्ष समिति बानादाग कटकमदाग, कुसुंभा, बांका के रैयत टीपी 10 परिसर में बैठक करने जा रहे थे तब सदर विधायक के कुछ समर्थक और गुर्गों ने उन्हें टीपी 10 परिसर में बैठने से मना कर दिया। जिसका विरोध स्थानीय ग्रामीणों ने जमकर किया लेकिन पुलिस के उदासीन रवैया के कारण किसी प्रकार का परिणाम सामने नहीं आया जिससे सैकड़ों की संख्या में बैठक करने आए ग्रामीण बैरंग वापस लौट गए। घटना को लेकर प्रभावित किसान बेरोजगार संघर्ष समिति के संरक्षक आंदोलनकारी मुन्ना सिंह ने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि को अपने स्वार्थ और निजी लाभ के लिए किसी के जमीन और उनके हक अधिकार की आहुति दे देना कहीं से संवैधानिक नहीं है। मैं जिला प्रशासन से अपील करता हूं कि ग्रामीणों के आंदोलन में सहयोग करें और उन्हें न्याय दिलाने का भरसक प्रयास करें जिससे गरीब परिवारों के घर में चूल्हा जल सके और उनके आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। संघर्ष मोर्चा के नेता और मुखिया उदय साहू ने कहा कि बानादाग साइडिंग से प्रभावित लोगों को न्याय दिलाना मेरा प्रथम कर्तव्य है। मैं हर संभव प्रयास करूंगा कि उन्हें न्याय मिले और शोषित ग्रामीणों को रोजगार मिले युवाओं के हाथों में रोजगार हो जिससे उनके घर की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। आलम यह है कि अब सदर विधायक के गुर्गे भी ग्रामीणों के खिलाफ हो गए हैं। सनद रहे महा आंदोलन के पूर्व भी बानादाग साइडिंग परिसर में हथियार लहराए गए हैं जो चिंतनीय विषय है। मौके पर विकाश कुमार , अजय कुमार , रूपेश कुमार , मिथुन कुमार , अमर कुमार , सूरज कुमार , मनीष कुमार आदि सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे ।