हजारीबाग । स्थानीय सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, मालवीय मार्ग वंदना सभा में विद्या विकास समिति विभाग सह प्रमुख तुलसी प्रसाद ठाकुर, दिनेश कुमार मिश्र ,संकुल प्रमुख सह प्रधानाचार्य सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, कुम्हार टोली , विनय कुमार पांडे -प्रधानाचार्य ने संयुक्त रुप से मां भारती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। तुलसी प्रसाद ठाकुर ने अपने आशीर्वचन में कहा की विद्या भारती द्वारा संचालित सरस्वती शिशु विद्या मंदिरों में वंदना का काफी महत्वपूर्ण स्थान है क्योंकि वंदना का विद्यालय में अध्ययनरत भैया- बहनों पर गहरा प्रभाव पड़ता है । वंदना से प्राप्त ऊर्जा से सराबोर होकर उनमें अपने जीवन में पठन-पाठन के साथ-साथ विभिन्न आवश्यक नैतिक मूल्यों का विकास होता है ।आगे उन्होंने कहा कि वंदना से भैया- बहनों को चार चीज प्राप्त होता है- आशा, विश्वास ,अनुशासन एवं शांति ।इन चारों के सामंजस्य से भैया – बहन बड़े होकर एक सफल नागरिक बनते हैं। अपने उद्बोधन में संकुल प्रमुख सह प्रधानाचार्य, सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, कुम्हार टोली दिनेश कुमार मिश्र ने कहा कि भैया- बहन अपने जीवन में अनुशासन का पालन करके ही अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं ।उन्होंने भैया- बहनों को अपने लक्ष्य का निर्धारण करते हुए उसकी प्राप्ति के लिए यथोचित उपाय करने की आवश्यकता पर बल देते हुए अपने अंदर विद्यालय से प्राप्त संस्कार को समाज एवं देश में बिखेरने की आवश्यकता पर जोर दिया। आगे उन्होंने कहा कि संस्कार विहीन मनुष्य पशु के समान है। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य विनय कुमार पांडे ने अपने उद्बोधन में कहा कि सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन समय-समय पर करके भैया- बहनों के बहुमुखी प्रतिभा का विकास के निमित्त सदैव तत्पर है। इस अवसर पर विद्यालय के सभी आचार्य- दीदी उपस्थित थे।