कुडू/लोहरदगा l कुडू अंचल कार्यालय में सीओ प्रवीण कुमार सिंह ने प्रखंड के सभी प्रज्ञा केंद्र संचालकों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने प्रज्ञा केंद्र संचालकों से आय, जाति व आवास आदि प्रमाण पत्र पर चर्चा की और कई आवश्यक निर्देश दिए उन्होंने संचालकों को सही नाम से प्रमाण पत्र जारी करने हेतु अपने-अपने प्रज्ञा केंद्र में सभी प्रमाण पत्र को बनाने हेतु चेक लिस्ट रखने, आवेदन पत्र की एंट्री में नाम, पिता के नाम आदि के स्पेलिंग को ध्यान से प्रविष्टि करने, आवेदन पत्र के साथ संलग्न कागजातों को अच्छे तरीके से स्कैन कर अपलोड करने सहित लोहरा जनजाति के प्रमाण पत्र एवं अन्य भूमिहीनों के प्रमाण पत्र में निर्गत होने वाली समस्याओं अदि पर चर्चा करते हुए बताया कि अंचल के चडरा, टिको, बारीडीह आदि कुछ गांव की समस्या पर चर्चा करते हुए कहा कि आवेदन अपलोड करने पर दूसरे हल्का में चला जाता है। पवरिया जाति के जगह पर पामरिया जाति का प्रमाण पत्र निर्गत हो रहा है। तथा जुल्हा शब्द का स्पेलिंग गलत है। साथ ही सॉफ्टवेयर संबंधी त्रुटि के लिए जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं एनआईसी को लिखने का दिशा निर्देश दिया गया है. उन्होंने प्रज्ञाकेंद्र संचालकों से कहा कि छोटी मोटी समस्या और सामान्य त्रुटि होने पर आवेदन को रिजेक्ट ना करके आवेदक के लॉगिन में रिटर्न करें जिससे आवेदक को कम से कम परेशानी हो। साथ ही आवेदन व मूल प्रमाणपत्र अपलोड सही तरीके से करें ताकि लोगो का प्रमाण पत्र बन सके और प्रमाण पत्र बनाने वालों को कोई परेशानी न हो सके। सीओ सिंह ने कहा कि प्रज्ञा केंद्र संचालक द्वारा आय, जाति व आवास आदि प्रमाण पत्र बनाने के एवज में तय राशि से ज्यादा वसूली की शिकायत मिलती है या फिर किसी प्रकार की कोताही बरती गयी तो बर्दास्त नही किया जायेगा. इसके अलावा लोहार जाती एवं लोहरा जनजाति के प्रमाणपत्रो के लिए स्थानीय जांच एवं ग्रामसभा करने हेतु निर्देश दिया. इस दौरान प्रज्ञा केंद्र संचालकों ने भी अपनी समस्याओं को रखते हुए बताया कि एक बार एप्लीकेशन एंट्री करने के बाद उसमें सुधार का ऑप्शन नहीं होता है। ऐसी स्थिति में एक बार गलत नाम एंट्री हो जाने के बाद उसे रिजेक्ट करना ही विकल्प होता है। संचालकों ने इंटरनेट की समस्या से भी अंचल अधिकारी को अवगत कराया। बैठक में महताब अंसारी, मो इफ़्तेख़ार, सुबोध कुमार, वसीम रज़ा, मुमताज़ अंसारी, रंजीत, गोल्डन कुमार सहित कई प्रज्ञा केंद्र संचालक उपस्थित थे।