साहिबगंज ( उधवा ) । ज्यादातर युवा व छोटे छोटे स्कूली बच्चे अपनी कीमती समय को गवां कर फ्री फायर गेम को अधिक खेल रहे हैं.जिससे आए दिन कोई बड़ी हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता है.दिन भर बच्चे भूखे प्यासे रहकर फ्री फायर में मग्न रहते है. बच्चे टोली बनाकर इस गेम को खेलते नजर आते है.अभिभावकों का डांट फटकार भी बच्चों पर इसका कोई असर नहीं पड़ता है.जिसके कारण बच्चों का भविष्य भी बर्बाद होने की कगार पर आ गए हैं.जानकारी के अनुसार जिले के उधवा प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में इन दिनों बच्चे ज्यादातर इसी गेम को खेलते नजर आते है.जिधर भी देखो उधर बच्चों का टोली गेम खेलने में मशगूल रहते है.गांव से लेकर शहरों में भी ऐसा ही हो रहा है.खास कर जिनके माता पिता टेक्नोलोजी नही समझते वहां के बच्चे ऑनलाइन क्लास के नाम पर जबरन माता पिता को बहला फुसलाकर फोन खरीदकर गेमिंग कर रहे है और पॉकेट मनी को इसमें झोंक देते है और हार जाने पर घर से पैसों की मांग करते है.ऐसे कई मामले सामने आए है जिसमे बच्चे अपने माता पिता के पॉकेट या घर में रखे पैसा निकालकर गेमिंग में लगा देते है.चूंकि कोरोना के चलते बच्चों को ऑनलाइन क्लासेज के कारण बच्चों को घर से ही मुहैया करा दिया जा रहा है.इसलिए माता पिता भी उन्हें कुछ नही कह पाते है.हालांकि ये गेम बच्चों के लिए खतरा भी साबित हो सकते है.पढ़ाई लिखाई के साथ साथ कम समय में आंखों की रोशनी पर भी गहरा असर पड़ सकता है.देश में कई ऐसे मामले सामने आए है जहां बच्चों ने इस गेम के पीछे अपनी जान भी गवाई है.समय रहते यदि इस गेम से बच्चों का छुटकारा नही होता है तो आगे चलकर कुछ भी हो सकता है.