गिद्धौर (चतरा) अब मौत के बाद कंधा देने के लिए पुत्र जरुरी नहीं,बेटियां,बहुएं व पुत्रवधू भी अर्थी को कंधा देकर अपना फर्ज अदा निभा रही है। गिद्धौर के 102 वर्षीय वृद्ध महिला सकुंती देवी का निधन गुरुवार के दिन रात हो गया। शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार स्थानीय धोबिनियागढ्ढा श्मशान घाट ने किया गया।उनके अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के साथ ही समाज की महिलाओं ने उनकी अर्थी को कंधा देकर समाज में अलग संदेश दिया। अंतिम संस्कार में मृतक की बहु व पुत्र वधू पूनम देवी, चंदा कुमारी, कंचन देवी, देवकली देवी, विनीता कुमारी, मालती देवी, संगीता देवी, शारदा देवी सहित परिवार-समाज की अन्य महिलाओं ने अर्थी को कंधा दिया। हालांकि कुछ दूर जाने के पश्चात महिलाओं को लौटा दिया गया। तत्पश्चात पुरुषों ने अर्थी को कंधा दे कर श्मशान घाट तक ले गए। जहां पर पुत्र हेमराज दांगी नहीं मुखाग्नि दिया।शव यात्रा में कपिल कुमार,मनोज कुमार कुशवाहा,सत्येंद्र कुमार दांगी,लक्ष्मण दांगी, संजय दांगी,उपेंद्र दांगी, संतोष कुमार निराला, मनोज कुमार वर्मा, बंसी दांगी, शिव कुमार दांगी,राजेश कुमार कुशवाहा,गौतम दांगी सहित थे।