उधवा ( साहिबगंज )। प्रखंड के सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रशासन से प्राणपुर- पंचानंदपुर फेरीघाट में नाव संचालकों के द्वारा अवैध वसूली व राजस्व की चोरी पर रोक लगाने की मांग की है। जानकारी के अनुसार उधवा प्रखंड क्षेत्र के पियारपुर, प्राणपुर ,अमानत पंचायत समेत लगभग 12 पंचायतों के लोगों का पश्चिम बंगाल व झारखंड आवागमन की एक मात्र मुख्य जलमार्ग पियारपुर- पलाशगच्छी फेरी घाट हैं।इस फेरी घाट होकर इलाके के सैकड़ों लोग प्रतिदिन नाव के द्वारा दशकों से पश्चिम बंगाल आना जाना करते हैं।वर्तमान में उक्त फेरीघाट उधवा अंचल प्रशासन के अधीन संचालित किया जा रहा है।वहीं ग्रामीणों का कहना है कि इसकी बागडोर अंचल प्रशासन के द्वारा झारखंड के कुछ लोगों से सांठ-गांठ कर पश्चिम बंगाल के कुछ दबंग लोगों के हाथ में दे दिया गया है। जिसके कारण झारखंड सरकार को प्रतिदिन हजारों रुपये की राजस्य का नुकसान हो रहा है। वहीं पश्चिम बंगाल के पंचानंदपुर घाट में कुछ दबंग प्रवृत्ति के लोगों के द्वारा अवैध तथा मनमानी ढंग से किराया वसूली कर रहे हैं। प्रत्येक सवारी से 50 रुपया साइकिल एवं बाइक के लिए 100 रुपया तथा समान के अलग से मनमर्जी भाड़ा वसूली करते हैं। थोड़ी बहुत भाड़ा कम होने पर राहगीरों के साथ बदसुलूकी किया जाता है।उक्त फेरी घाट में सरकार के द्वारा कोई गाइडलाइन जारी किया गया है और ना ही कोई निर्धारित किराया।ना ही प्रशासन की ओर से आवागमन के लिए उचित व्यवस्था किया गया है। उक्त फेरी घाट में नाव संचालकों के द्वारा खुलेआम अवैध वसूली जारी है। जिसके कारण प्रतिदिन लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने सरकार से उक्त फेरी घाट झारखंड में टिकट काउंटर खोलने एवं अवैध वसूली पर रोक लगाने की मांग किया है।साथ ही सरकार के द्वारा निर्धारित किराया सरकारी रसीद निर्गत कर 18.20 पैसा करने का भी मांग की है। मामले को लेकर बीते दिनों सैकड़ों लोगों ने सीओ व जिला प्रशासन को हस्ताक्षरित आवेदन देकर अवगत कराया है।