व्यापारिक एकता हमारी ताकत, इसका विघटन व्यापर हित में नहीं: रितेश कुमार, चैम्बर सचिव

लोहरदगा। जैसा कि हम सभी व्यापारी को मालूम होगा कि झारखण्ड राज्य कृषि उपज और पशुधन विपणन (संवर्धन और सुविधा) विधेयक 2022के अनुसार एक बार फिर से 2% कृषि टैक्स पूरे झारखण्ड राज्य में लागू किया जा रहा है, जो कि 2015 से पहले 1% था एवं इसे भी व्यापारियों के दबाव के कारण तत्कालिक भाजपा सरकार द्वारा समाप्त कर दिया गया था। परन्तु अब एक बार फिर से दोहरे दर के साथ इसे लागू करने की प्रक्रिया झारखण्ड के झामुमो व कांग्रेस गठबंधन सरकार द्वारा प्रारम्भ किया जा चुका है तथा इस संबंध में एक विधेयक झारखण्ड राज्य कृषि उपज और पशुधन विपणन (संवर्धन और सुविधा) विधेयक 2022 विधानसभा में पारित हो चुका है। जिसका विरोध फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के अगुवाई में पूरे झारखण्ड के व्यापारियों द्वारा विगत 15 दिनों से आरम्भ हो चुकी है। परन्तु लोहरदगा ज़िला में चैम्बर ऑफ कॉमर्स की मजबूती चुनाव नहीं होने के कारण हाशिये में आ गयी है। अतः व्यापारिक हित में कार्य करने हेतु यदि मजबूती के साथ खड़ा रहना है तो उसके लिये चैम्बर ऑफ कॉमर्स का चुनाव कर नये समिति का पुनर्गठन आवश्यक है। क्योंकि समय समय पर अफ़सरशाही, लालफीताशाही इत्यादि को नियंत्रित रखने हेतु एकजुटता ही एकमात्र विकल्प है।
अतः आगामी एक सप्ताह के अंदर एक आमसभा करवा चुनाव के रास्ता को प्रशस्त करने हेतु मैं पहल कर रहा हूँ जिसमें सकारात्मक सहयोग हेतु सभी चैम्बर के सदस्य सह व्यापारियों से आग्रह है। क्योंकि व्यापारिक एकता हमारी ताकत है, इसका विघटन व्यापर हित में बिल्कुल नहीं हो सकता। जिसके कारण हम गलत का विरोध करने में सक्षम कभी नहीं रह पायेंगे।

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