साहिबगंज। समाहरणालय स्थित सभागार में बुधवार को उप विकास आयुक्त प्रभात कुमार बरदियार की अद्यक्षता में वित्तीय वर्ष 2021-22 की डीएलसीसी की दूसरी तिमाही एवं डीएलआरसी की बैठक आयोजित की गई।

सभी बैंकों की जमा साख अनुपात की समीक्षा

बैठक में जिले में स्थित सभी बैंकों की जमा साख अनुपात की समीक्षा की गई। इस दौरान वार्षिक साख योजना के तहत जून 2021 तक प्राप्त उपलब्धि, गवर्नमेंट द्वारा प्रायोजित विभिन्न योजनाओं जैसे पीएमईजीपी, केसीसी आदि के अंतर्गत प्राप्त प्रगति की बैंक वार समीक्षा की गई। बैठक में शिक्षा ऋण हाउसिंग लोन डेयरी लोन पोल्ट्री फार्मिंग सह मछली पालन के लिए दिए गए ऋण, वित्तीय समावेशन के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा योजना जैसे अटल पेंशन योजना सुरक्षा बीमा योजना,जीवन ज्योति योजना आदि समीक्षा भी की गई।

केसीसी ऋण की उपलब्धि, वितरण की स्थिति,एसीपी की त्रैमासिक उपलब्धि

बैठक में बैंक शाखाओं को दिए गए लक्ष्य के अनुरूप केसीसी ऋण की उपलब्धि ,वितरण की स्थिति,एसीपी की त्रैमासिक उपलब्धि और सीडी रेशियो की समीक्षा की गई।
बैठक में उप विकास आयुक्त ने कहा कि जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के कुल जितने भी किसान पंजीकृत हैं,या वैसे किसान को संबंधित योजना से पंजीकृत नहीं हैं या किसान मज़दूर बटाईदार किसान आदि सभी को केसीसी ऋण से आच्छादित करने का निर्देश दिया। उपायुक्त श्री बर्दियार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभुकों को प्राथमिकता देते हुए वैसे लाभुक जिन्हें अबतक केसीसी का लाभ नहीं मिल पाया है, उन्हें केसीसी ऋण से शत-प्रतिशत आच्छादित करने का निर्देश दिया।
वार्षिक ऋण योजना की समीक्षा:
जून तिमाही मे जिला के वार्षिक ऋण योजना के लक्ष्य राशि 662.23 करोड़ में केवल 36.75% की उपलब्धि प्राप्त की गयी है जो कि चिंता का विषय है। एलडीएम को निर्देश दिया गया कि जिन बैंक की उपलब्धि 10% से कम है उसकी समीक्षा सीडी रैशियो के लिए गठित उप समिति की अगली बैठक में किया जाय। बैंक में लंबित पड़े केसीसी आवेदनों का निस्तारण यथा शीघ्र करें। इसके साथ ही पशुपालन एवं मतस्य कार्य के लिए कार्यशील पूंजी के लिए किसानों का आवेदन संबधित विभाग बैंक में स्वीकृति के लिए भेजें। पीएमईजीपी आवेदनों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से करने के आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया। डीसीसी बैठक में पाया गया की कुछ बैंक के जिला समन्वयक उपस्थित नहीं थे। अगली बैठक मे सारे बैंक के जिला समन्वयक की उपस्थिती शत प्रतिशत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

सीडी रेशियो की समीक्षा

बैठक में बताया गया कि जिले को 40% का सीडी रेशियो का लक्ष्य दिया गया था,जबकि निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध*

32.45% सीडी रेशियो पूर्ण हुआ है। उप विकास आयुक्त ने शाखा प्रबंधकों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप योजनाबद्ध तरीके से लंबित कार्यों को ससमय पूर्ण करने का निर्देश दिया।
बैठक में एसएचजी ऋण की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि जिले में 1301 समूहों को 14.81 करोड़ का ऋण 30 जून 2021 तक विभिन्न बैंक के माध्यम से दिया जा चुका है।
बैठक में पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा करते हुए सभी बैंकों से उप विकास आयुक्त ने कहा कि सभी बैंक पीएम स्वनिधि योजना को गंभीरता से लेते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार हेतु ऋण उपलब्ध कराएं जिससे वह अपने पैरों पर खड़ा हो सके।
इसके अलावा उप विकास आयुक्त द्वारा मुद्रा लोन, स्टैंडअप इंडिया, आकांक्षी जिला एवं आर सेटी द्वारा आयोजित किया गया प्रशिक्षण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

एनपीए एवं अन्य फण्ड की समीक्षा

इस दौरान बैंकों का अनुसार एनपीए जून 30 तक की समीक्षा की हुई, साहिबगंज जिला के अंतर्गत एरिया डेवलपमेंट स्कीम, डेयरी,बकरी पालन, मछली पालन की प्रगति एवं उपलब्ध कराए गए ऋण की समीक्षा हुई।
इस दौरान डीडीएम नाबार्ड, नेयाज इशरत द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए पोटेंशियल लिंकेज क्रेडिट प्लान की प्रस्तुति दी गयी । बताया गया कि वर्ष 2022-23 में जिले में 613.81 करोड़ ऋण प्रवाह की संभावना है जिसमें कृषि क्षेत्र के लिए 387.98 करोड़, एमएसएमई क्षेत्र के लिए 185.28 करोड़ एवं अन्य प्राथमिकता क्षेत्र के लिए 40.54 करोड़ है । इसके साथ ही केंद्रीय योजना अंतर्गत एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के अंतर्गत प्रगति की समीक्षा एवं केंद्रीय योजना अंतर्गत जिले के उधवा एवं बरहरवा प्रखण्ड के फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के अंतर्गत कार्यों की समीक्षा उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में की गई

बैठक में उप विकास आयुक्त के अलावे नाबार्ड के डीडीएम नियाज़ इशरत, अग्रणी जिला प्रबंधक, सुधीर कुमार, सहायक महाप्रबंधक, आरबीआई, प्रबन्धक आरएसीसी, एसबीआई, कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन एवं गव्य विकास पदाधिकारी, मतस्य पदाधिकारी, डीपीएम, जेएसएलपीएस,कृषि वैज्ञानिक केवीके, विभिन्न बैंको के प्रतिनिधि एवं अन्य उपस्थित थे।