साहिबगंज। संथाल परगना के 166वें स्थापना दिवस को लेकर साहिबगंज महाविद्यालय के संथाली विभाग के द्वारा क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस क्विज प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर मनोज मुर्मू, दूसरे स्थान पर मैरी ज्योति मरांडी और तीसरे स्थान पर अजित सोरेन रहे। विभाग के द्वारा आयोजित कार्यक्रम की प्रभारी प्राचार्य डॉ. राहुल कुमार संतोष ने सराहना की।वहीं प्रो. सैमी मरांडी ने कहा की छात्रों को चुनौती और अपनी संस्कृति को ध्यान में रखकर अध्ययन करना चाहिए। एक हाथ में तीर धनुष हो तो दूसरे हाथ में कलम किताब होना चाहिए।
जबकि डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने कहा की अपनी संस्कृति, परम्परा, सभ्यता और संस्कार को अक्षुण्ण बनाए रखना रखना हमारी जिम्मेदारी है। प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण व सुरक्षा के लिए हमें प्रकृति प्रहरी बनना होगा। ये हमारी जिम्मेदारी है और आज हम इसका संकल्प भी लेते हैं।कार्यक्रम का शुभारंभ व अतिथियों का स्वावत मांदर ढोल नृत्य और संताली परंपरा के साथ लोटा – पानी, संथाली नृत्य व गीत – संगीत से किया गया। इसके पूर्व शहीद स्वतंत्रता सेनानी सिद्धो – कान्हु के चित्र पर अतिथियों द्वारा माल्यार्पण किया गया।
छात्रा रंजीता और मीनू के द्वारा संथाली गीत एवं कविता पाठ की गई। वहीं कार्यक्रम का संचालन सीनियर जितेंद्र मरांडी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन संथाली विभाग के अध्यक्ष डॉ. बद्रीनाथ हांसदा ने किया। डॉक्टर हांसदा ने कहा कि संथाल परगना के आदिवासियों व आदिम जनजातिय समाज का विकास व संवर्धन होना चाहिए। बता दें कि संताल हूल के पश्चात 22 दिसंबर 1855 को संथाल परगना का निर्माण हुआ था। इसके 166वें स्थापना दिवस को संथाली भाषा विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। प्रभारी प्राचार्य डॉ. राहुल कुमार संतोष की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में भू – वैज्ञानिक सह पूर्व सिंडीकेट सदस्य सिद्धो – कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय डॉक्टर रणजीत कुमार सिंह, डॉ. सिदाम सिंह मुंडा, प्रो. अनु सुमन बाड़ा, प्रो. सैमी मरांडी, प्रो. प्रसन्नजीत दास आदि मौजूद रहे।