हजारीबाग । झारखंड विधानसभा के पांच दिवसीय शीतकालीन सत्र के दौरान हजारीबाग सदर विधायक मनीष जायसवाल ने करीब डेढ़ दर्जन ज्वलंत और गंभीर मामलों को जनहित में सदन पटल पर उठाया। विधायक मनीष जायसवाल ने हजारीबाग शहर की सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक समस्या को गैर सरकारी संकल्प के माध्यम से सदन पटल पर उठाया और सरकार को इस गंभीर समस्या से अवगत कराते हुए इसके निजात के लिए तत्काल एक कमेटी बनाकर हजारीबाग का सर्वे कराते हुए यहां फुटपाथ व्यवसायियों को चिन्हित कर एक विशेष मार्केट स्थल बना कर इन्हें शिफ्ट करने और हजारीबाग शहर में ट्रैफिक डीएसपी के साथ ट्रैफिक पुलिस की पूरी टीम को पदस्थापित करने की मांग की। हजारीबाग सहित डीवीसी कमांड एरिया में पडने वाले उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के सात जिलों में अघोषित बिजली कटौती की समस्या को लेकर विधायक मनीष जायसवाल सड़क से लेकर सदन तक गूंजते नजर आए। उन्होंने सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस मामले में मिलकर जनता का त्राहिमाम संदेश उनतक पहुंचाया। विधानसभा के प्रथम दिन ही बिजली समस्या को लेकर मुखरता से दोनों हाथों में तख्ती लेकर सदन से बाहर प्रदर्शन किया। हजारीबाग समेत प्रभावित क्षेत्र के सभी भाजपा और आजसू विधायकों के साथ इस मामले को लेकर पुनः ऊर्जा सचिव से मिले और उनका घेराव करते हुए समस्या का जनहित में तत्काल निराकरण करने की मांग किया। विधायक मनीष जायसवाल ने डीवीसी और झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के बीच की समस्या के संपूर्ण निदान के लिए सदन पटल पर सरकार को रास्ता बताया। विधायक जायसवाल के बताए गए सुझाव पर ऊर्जा सचिव ने अमल भी किया और तत्काल बड़कागांव में बने एनटीपीसी के ग्रिड के लिए संबंधित अधिकारी से बात भी की। जेपीएससी पीटी की परीक्षा में हुई बड़ी धांधली को लेकर आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरे और सदन पटल पर भी इस गंभीर मामले को लेकर कार्य स्थगन प्रस्ताव लाते हुए जेपीएससी पीटी की परीक्षा रद्द करने, पूरे प्रकरण की
जांच सीबीआई से कराने और वर्तमान जेपीएससी अध्यक्ष को तत्काल बर्खास्त करने की मांग को जेपीएससी अभ्यार्थियों की आवाज बंद कर झारखंड विधान सभा के पटल पर जोरदार तरीके से उठाया और इस ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया। हजारीबाग में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में हुए व्यापक घोटाले को निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराने की मांग को लेकर राज्यपाल से मिले और सदन पटल पर भी इसे बेबाकी से रखा। केरेडरी के कंडाबेर स्थित इतिज में हाथियों के झुण्ड के चपेट में आने से केरेडारी प्रखंड स्थित मनातू ग्राम निवासी एक मजदूर परिवार के तीन लोगों की आकस्मिक निधन मामले को सदन पटल पर तत्काल उठाया और इस परिवार के बचे हुए लोगों को सरकार द्वारा संरक्षण दिए जाने, तत्काल मुआवजा देने और हाथियों से क्षेत्र के लोगों को बचाने के लिए वन विभाग के सक्रिय करने की मांग सरकार से की।
प्रेस- वार्ता के दौरान विधायक मनीष जायसवाल ने यह भी कहा कि झारखंड सरकार को जनहित और राज्य हित में विकास कार्य से दूर तलक तक कोई मतलब नहीं है लेकिन तुष्टीकरण की राजनीति करने में ये पूरी तरह लिप्त है।