हजारीबाग । स्थानीय सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, मालवीय मार्ग में पंडित मदन मोहन मालवीय जयंती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य विनय कुमार पांडे एवं विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य शैलेंद्र कुमार सिंह ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलन , मां भारती एवं पंडित मदन मोहन मालवीय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में शैलेंद्र कुमार सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि मालवीय दृढ़ निश्चियी एवं भारत के सच्चे सपूत थे,जिन्होंने भारत में आधुनिक शिक्षा के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए” बनारस हिंदू विश्वविद्यालय” की स्थापना की जो विश्व में शिक्षा एवं संस्कृति का अलख जगा रहा है। इस विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए उन्होंने अनेक प्रकार के कष्ट झेला। उनकी दृढ इच्छा शक्ति एवं संकल्प का ही नतीजा है कि गंभीर अर्था भाव के बावजूद उन्होंने समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों द्वारा प्राप्त दान से इस विश्वविद्यालय की स्थापना की जो कि आज उच्च शिक्षा के लिए विश्व मे विशिष्ट स्थान रखता है। उन्होंने मदन मोहन मालवीय जी को महान मानव बताया और उनके जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला ।आगे उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरुष का जन्म विरले ही होता है जो युगों-युगों तक अपने कार्यों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने उपस्थित भैया- बहनों को पंडित मदन मोहन मालवीय की जीवन से सीख लेते हुए उनके बताए हुए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर कक्षा अष्टम एवं नवम के भैया -बहनों ने मदन मोहन मालवीय की जीवनी पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में आचार्य दिनेश्वर कुमार पांडे ने सभी के प्रति आभार एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी आचार्य- दीदी का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम का समापन शांति मंत्र के साथ हुआ।