चतरा | चतरा और हजारीबाग जिले के सीमा पर बलबल नदी के तट पर सनातन धर्मावलंबियो के आस्था एवं विश्वास का केंद्र प्राचीन काल से स्थापित मां बागेश्वरी मंदिर का मानचित्र सहित नाम अब सरकारी गजट में दर्ज है।
गिद्धौर प्रखंड अंतर्गत दुवारी पंचायत क्षेत्र स्थित मां बागेश्वरी मंदिर के संबंध में धार्मिक, सांसकृतिक, ऐतेहासिक, भौगोलिक, सामाजिक एवं पर्यटन महत्ता पर भूत, वर्तमान और भविष्य के संबंध में बताया जाता है कि चतरा जिले के प्रसिद्ध धार्मिक पर्यटन स्थल गिद्धौर के बलबल स्थित सिद्धपीठ मां बागेश्वरी मंदिर में शारदीय नवरात्र के मौके पर श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक रहती है। यहां अति प्राचीन मां बागेश्वरी के दर्शन व पूजन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंते हैं। इस स्थल की मान्यता एक सिद्धपीठ के रूप में है और यहां पिछले 1000 वर्ष से मां की प्रतिमा व मंदिर विराजमान है। नवरात्र के मौके पर यहां दर्शन और पूजन का विशेष महत्व है।

श्रद्धालु यहां पहुंच कर गर्म कुंड में स्नान करते हैं गर्म कुंड में स्नान करने से चर्म रोग भी ठीक हो जातो हैंऔर उसके बाद मां बागेश्वरी का दर्शन करते हैं। चतरा और हजारीबाग जिले के सीमाने में स्थित इस स्थल की ख्याति दूर-दूर तक है। नवरात्र के मौके पर भी यहां काफी संख्या में लोग पहुंचते हैं। और मंदिर में जाकर श्रद्धालु विधिवत पूजा-अर्चना भी करते है। प्रतिवर्ष झारखंड के अलावा बिहार, बंगाल, छत्तीसगढ़, उड़ीसा से लाखों श्रद्धालु गर्म जलकुंड में स्नान करके मां बागेश्वरी की पूजा अर्चना करने आते हैं। मकर संक्राति के दिन बलबल में 15 दिनों तक यहां विशाल पशु मेला भी लगता है।