लोहरदगा l झारखण्ड राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ का संकल्प सभा का आयोजन रविवार को सहरणालय के समक्ष किया गया। मौके पर महेश कुमार सिंह ने कहा कि नप कर्मी अब लाली पाप के चक्कर मे फंसने वाले नही हैं। मौके पर जिला संयोजक सह राज्याध्यक्ष महेश कुमार सिंह ने कहा की के वर्षों से नप कर्म काम कर रहे हैं लेकिन न तो उन्हें सरकारी पक्की नौकरी मिली और न नियमानुसार वेतन,भत्ता मिल रहा है और न ही सुविधा और प्रोन्नति। मौके पर नप कर्मियों ने कहा कि खट रहे हैं, सो खट रहे है।जो- जो छोटा-बडा पदाधिकारी आते हैं,सब नौकरी खाने की बात करते हैं। नप कर्मियों के बदौलत लोहरदगा नगरपालिका सफाई में टाॅप किया तथा साहब को कई बार ईनाम भी मिला। उसके बाद भी आजतक कर्मियों को सही रूप से वेतन,भत्ता,नियोजन कार्ड,आई कार्ड,बीमा,पी एफ कटौती का हिसाब आदि नहीं मिला है। कुछ कर्मचारी पहले मरा है ,उसके बाल -बच्चा को पहले नौकरी मिल जाता ,लेकिन साहब लोग ध्यान नहीं देकर उनका नौकरी खा गये।मरनी-हरनी पर भी पैसा नहीं मिलता है।एडवांस मांगने पर नौकरी खाने की बात कही जाती है। यही कारण है कि वर्षों से कार्यरत महादेव उराॅव कुटमू वाला नौकरी पर नहीं आ रहे हैं।उनका काम किया हुआ कुछ पैसा भी बाकी होगा।साहब लोग 10-15 महिला को पहले भी नौकरी से बिना कसूर का निकाल दिये हैं,जो सभी आदिवासी महिला है।उन लोगों में से कुछ का पैसा भी बाकी होगा। हम आदिवासी लोग गरीब जरूर हैं , लेकिन साहब लोग जैसा झूठा नहीं हैं। जो बोलते कुछ और हैं, और करते कुछ और हैं।पहले कुछ लोगों को ब्लू पहचान बंडी दिये थेऔर बोले थे कि सभी को मिलेगा।लेकिन बाद में फिर किसी को नहीं मिला।इस बार न जाने कितना दिन बाद ड्राइवर,मिस्त्री, कुली को ट्रैक सूट तथा महिला मजदूरों को इनर दिया गया। लेकिन उसमें भी कुछ मजदूरों को नहीं मिला है।उसे मिलेगा कि नहीं,पहले के अनुसार कोई ठिकाना नहीं है। लाॅकडाउन में दो-दो बार जान पर खेल कर हम मजदूर लोग सफाई का काम किये,फिर भी लाॅकडाउन का विशेष भत्ता हम सभी मजदूरों को नहीं मिला । बिना कसूर के झूठी बात और शोषण कितना सहेंगे? बहुत डरे,अब नहीं डरेंगे।अपना हक लेके रहेंगे । यह संकल्प हमलोग लेते हैं।