स्वास्थ्य विभाग मरीजों के भोजन पर करता है मासिक ढ़ाई लाख का भुगतान, लेकिन गुणवत्ता जांच की फिक्र नहीं

गिरिडीह । गिरिडीह स्वास्थ विभाग सदर अस्पताल में खाना बनाने और वितरण करने वाली एजेंसी को हर माह दो से ढाई लाख का भुगतान करता है. पिछले साल जिस एजेंसी को खाना बनाकर मरीजों के बीच बांटने का टेंडर दिया था, फिलहाल वही एजेंसी कार्यरत है. हर रोज सदर अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ चैताडीह के मातृत्व शिशु स्वास्थ इकाई में डिलीवरी के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं के बीच भोजन का वितरण करता है. हैरान करने वाली बात यह है कि एजेंसी किस प्रकार का तीनों वक्त का नास्ता और भोजन दे रही है और उसकी क्वालिटी कितनी सही है. इसकी जांच सदर अस्पताल प्रबंधन की ओर से नहीं किया जा रहा है. जांच नहीं होने से भोजन वितरण करने वाली एजेंसी बेफिक्र है. भोजना की गुणवत्ता पर बार-बार सवाल उठ रहा है.

अस्पताल सूत्रों की मानें तो पिछले के टेंडर रेट के अनुसार एजेंसी को प्रत्येक थाली 98 से लेकर सौ रुपए तक भुगतान किया जाता है. इसी राशि में एजेंसी को मातृत्व शिशु स्वास्थ इकाई में भर्ती गर्भवती महिलाओं को सुबह के नाश्ते में दो पीस ब्रेड, एक पीस अंडा और दूध दिया जाता है. तो दोपहर में सौ ग्राम खिचड़ी के साथ एक सब्जी और सौ ग्राम दही उपलब्ध कराया जाता है. जबकि शाम को ही 50 ग्राम हार्लिक्स के साथ खिचड़ी वितरण किया जाता है. इसी प्रकार सदर अस्पताल में भर्ती मरीजों के बीच तीनों वक्त के भोजन में सुबह की शुरुआत नींबू चाय से होती है. जबकि सुबह और रात के नास्ते व खाने में छह पीस रोटी के साथ एक सब्जी एजेंसी की और से दिया जाता है. तो उसके साथ सुबह के नास्ते में सौ फल के रुप में सेब उपलब्ध कराया जाता है.

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