हजारीबाग । एआईडीएसओ छात्र संगठन का 68वां स्थापना दिवस मनाया गया। इस मौके पर संगठन के राज्य उपाध्यक्ष आशीष कुमार ने झंडोत्तोलन कर स्थापना दिवस की शुरुआत की।उन्होंने कहा कि 28 दिसंबर 1954 को स्थापित छात्र संगठन एआईडीएसओ देश के 27 राज्यों में छात्र आंदोलन का नेतृत्व कर रही है। पूरे देश भर में शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ तथा छात्रों नौजवानों में नीति नैतिकता संस्कृति को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है ।सन 1947 में देश के आजादी के पश्चात देश अंग्रेजों से तो आजाद हो गया ,परंतु सत्ता के चाटुकार भारतीयों का सत्ता पर कब्जा हो गया। जिसके अवैज्ञानिक ,अनैतिक नीतियों का ही परिणाम है कि आज देश में 70 साल पश्चात भी आम आदमी छात्र नौजवान ,शिक्षा ,रोजगार, भोजन, स्वास्थ्य जैसे आधारभूत चीजों की पूर्ति के लिए संघर्ष कर रहा है। आंदोलन कर रहा है।जिला उपाध्यक्ष पूजा कुमारी ने कहा कि सरकार ऐसी शिक्षा नीतियों का निर्माण कर रहे हैं। जो छात्रों युवाओं को केवल डिग्री हासिल करने के लिए उपयोगी है। नीति नैतिकता मूल्य बोध रहित शिक्षा का ही परिणति है की छात्राएं महिलाए आज समाज में सुरक्षित नहीं हैं।आज भी आम आदमी बेरोजगारी, महंगाई,बर्बाद होती अर्थव्यवस्था जैसे मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति की मांग को लेकर आंदोलन के लिए विवश है। जिला उपाध्यक्ष मो फ़ज़ल ने कहा कि यूनिवर्सिटी केवल परीक्षा आयोजन का केंद्र बन कर रह गया है।केवल डिग्री बाटने का काम यूनिवर्सिटी द्वारा किया जा रहा।शिक्षा ,शोध और गुणवत्ता के नाम पर केवल भूमिका मात्र काम हो रहा है।अवैज्ञानिक नई शिक्षा नीति जैसे नीतियों को जबरन थोपा जा रहा है। सरकारी शिक्षण संस्थान की स्थितियां बदहाल है।अंशु अनमोल मेहता ने कहा कि व्यवस्था आज छात्रों नौजवानों ,तरुण आयु के छात्र छात्राओं ,बच्चे,बच्चियों के नैतिक मूल्यों पर हमला कर रहा है। उसके मस्तिष्क को कुंद किया जा रहा है अश्लील तथ्यों सिनेमा साहित्य को प्रचार कर उन्हें सामाजिक जिम्मेदारियों से दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।ताकि छात्र नौजवान द्वारा सवाल खड़ा करने की सोच ही खत्म हो जाए। रविंद्र कुमार ने कहा कि पूरे देश भर में संगठन शिक्षा और नीति नैतिकता, मानवता बचाने के लिए संघर्ष करता आ रहा है और आगे भी संघर्ष करता रहेगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जीवन यादव ,संचालन पूजा कुमारी, धन्यवाद ज्ञापन रविंद्र पासवान ने किया ।इसके महाविद्यालय विश्वविद्यालय से नीरज कुमार ,उपेंद्र दास, अरुणिमा राशमी, जुली कुमारी, सुधा कुमारी ,मोहम्मद बरकत अविनाश पासवान, आस्तिक कुमार ,ज्ञानचंद कुमार एवं अन्य कई छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।