हजारीबाग। आईसेक्ट विश्वविद्यालय, हजारीबाग की ओर से सिलवार ग्राउंड में आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट का बेहद रोमांचक फाइनल मुकाबला ड्रॉ पर जाकर रूका। मुकाबला सूपर ओवर तक गया। सूपर ओवर में आखिरकार आरोग्यम 11 जीत दर्ज कर विजेता का खिताब अपने नाम कर लिया। दरअसल फाइनल मुकाबले का टॉस आरोग्यम 11 के कप्तान ने जीता और पहले बल्लेबाजी के लिए एसकेडीजे को आमंत्रित किया। बल्लेबाजी में एसकेडीजे के खिलाड़ी कुछ खास नहीं कर पाए और पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 12 ओवरों महज़ 79 रन ही बना सके। कोरी के 18 गेंदों पर 29 रनों की पारी छोड़ एसकेडीजे का कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सका। आरोगयम 11 की ओर से शानदार गेंदबाजी करते हुए मुकेश ने अपने 3 ओवर में 23 रन देकर 5 विकेट चटकाए। 80 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरोग्यम 11 ने शानदार शुरुआत की और 3 ओवरों में 45 रन बना डाले। एक समय ऐसा लगने लगा कि मैच आसानी से आरोग्यम 11 की टीम जीत जाएगी लेकिन एसकेडीजे के गेंदबाजों ने जोरदार वापसी की और इस रोमांचकारी मुकाबले के 12 वें ओवरों की एक गेंद शेष रहते 79 रनों पर ही आरोग्यम 11 के सभी 10 विकेट चटका कर मैच को ड्रॉ करा दिया। अंतिम निर्णय के लिए मैच सूपर ओवर में गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए आरोग्यम 11 की टीम ने मनिकांत और किशन के छक्के की मदद से 14 रन बनाए। 15 रनों का पीछा करने उतरी एसकेडीजे की टीम सूपर ओवर में महज़ 7 रन ही बना सकी और इस बेहद रोमांचकारी मुकाबले में आरोग्यम 11, विजेता बन खिताब अपने नाम कर लिया। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि मांडू विधायक जेपी पटेल ने सभी खिलाड़ियों की हौसला-अफजाई की। कार्यक्रम में मौजूद बतौर मुख्य अतिथि मांडू विधायक जेपी पटेल, आईसेक्ट विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद, कुलपति डॉ पीके नायक, डीन एडमिन डॉ एसआर रथ, डीन एकेडमिक डॉ बिनोद कुमार, आरोग्यम हॉस्पिटल के निदेशक हर्ष अजमेरा, सदर विधायक प्रतिनिधि रंजन चौधरी सहित अन्य अतिथियों के हाथों विजेता को 21 हजार का चेक और शिल्ड जबकि उप-विजेता को 11 हजार का चेक और शिल्ड प्रदान किया गया। पांच विकेट लेने वाले आरोग्यम 11 की टीम के मुकेश को मैच जबकि अल्फा कॉरनर के बल्लेबाज सिकंदर को मैन ऑफ द सिरीज़ दिया गया। आईसेक्ट विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद ने कहा कि युवाओं के प्रतिभा को निखारने के लिए ऐसे आयोजन ज़रूरी हैं। आने वाले समय में ऐसे और भी आयोजन विश्वविद्यालय की ओर से कराए जाएंगे। फाइनल मैच की अंपायरिंग सौरभ सरकार व रवि ने की। कमेंट्री की जिम्मेदारी शिवजी व शमीम अहमद ने संभाली। बतौर स्कोरर रविकांत कुमार ने अपनी अहम भूमिका निभाई।