बांस हस्तशिल्प को सुविधा के साथ बिजनेस मॉडल के रूप में किया जा रहा है विकसित

सिमडेगा | सिमडेगा एक बार फिर से विकास के नए आयाम लिखने की तैयारी में जिला प्रशासन जुट गया है। जिले में बांस कारीगारों के आय में वृद्धि एवं बहुउद्देश्य विकास की दिशा में जिला प्रशासन के द्वारा तेजी से कार्य किया जा रहा है।

उपायुक्त सिमडेगा सुशांत गौरव ने ठेठईटांगर प्रखण्ड के पण्डरीपानी पंचायत के आसनबेड़ा में प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन का निरीक्षण किया। वहां बहुउद्देशीय भवन निर्माण का जायजा लिया। वहीं अनुसूचित जाति के बांस हस्तशिल्पकारों के बीच दिये जा रहे 30 दिवसीय विशेष बांस हस्तशिल्प प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड के द्वारा तुरी समाज को बांसकला का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।उपायुक्त ने प्रशिक्षण ले रहे तुरी समाज के लोगों से मुलाकात की। उन्होने निर्मित बांस के कलाकृतियों का अवलोकन किया। आसनबेड़ा के तुरी समाज के लोग बांस के कारीगर है, जो पीढ़ि दर पीढ़ि बांस की सामग्री का निर्माण करते आ रहे है, प्रशासन के द्वारा जिले में बांस के कारीगरों की सम्भावनाओं को देखते हुए उन्हे तकनीक एवं नये युग की सम्भावनाओं का प्रशिक्षण देकर आय में वृद्धि एवं आर्थिक विकास की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इस दिशा में बांस कारीगरों के लिए बड़े भवन का निर्माण आसनबेड़ा में किया जा रहा है, जहां कारीगरों को समय-समय पर प्रशिक्षण सहित उपकरणों की सुविधा बहाल की जाएगी। जहां करीगर तकनीक से जुड़े अपने कार्य कुशलता की शैली को बढ़ाते हुए मार्केट डिमान्ड के अनुरूप उच्च क्वालिटी की सामग्री निर्माण कर सकेंगे। उपायुक्त ने बांस से बने विभिन्न प्रकार की सामग्री की प्रशंसा की, साथ हीं बांस कारीगरों के उत्थान की दिशा में आईटीडीए निदेशक व संबंधित पदाधिकारी को ससमय प्रशिक्षण की प्रक्रिया पूर्ण कराते हुए बहाल की जा रही सुविधाओं का लाभ देकर बिजनेस मॉडल के रूप में आसनबेड़ा को विकसित करने का निर्देश दिया।

यहां बांस से कई तरह का सामान बनाये जाते है जैसे सुप, टोकरी, खिलौने, चलनी, चटाई, दीवार पर लटकाने का सामान, छाते के हैंडल, क्रॉसबो, खोराही, कुला, डुकुला, काठी, गहने के बक्से आदि। उपायुक्त ने 100 ग्रामीणों का समूह बनाने की बात कही। पंजीकृत करते हुए बैंक खाता खोलने का निर्देश दिया। सभी अलग-अलग जिम्मेवारी देते हुए कार्य को निरन्तर आगे बढ़ाने की बात कही।

राजु तुरी, रामावतार तुरी, कान्ती देबी, सावित्री देबी, बिरसमनी देवी, रत्नी देवी, करिमो देबी, सरिता देबी, दिपीका देबी, मनकुंवर तुरी, धर्मजीत मांझी, शिवानन्द मांझी, कैलाश तुरी सहित उपस्थित ग्रामीणों ने आसनबेड़ी में शुरू की गई पहल की सराहना की, वहीं सोमरा देबी, सुकर मनी देबी ने कहा कि हफ्ता दिन में 800-900 रूपये कमाते है। समय-समय पर बाजार में ज्यादा नहीं बिक पाता है, सीजन के समय थोड़ा ज्यादा बिकता है। बांस कारीगरों के लिए शुरू की गई प्रयासों के बारे में पूछे जाने पर उन्होने कहा कि आसन बेड़ा के तुरी समाज के लोगों के लिए यह बेहतर पहल है, इससे हमलोगों को प्रशिक्षण मिल रहा है, साथ हीं नये-नये सामग्री बनाना भी सिख रहें है। आने वाले समय में तकनीक से जुड़े मशीन की मदद् से हम अपनी आय एवं आर्थिक स्थिति को बेहतर बना सकेंगे, इसके लिए हमें प्रशासन के द्वारा मार्केट की भी सुविधा दी जा रही है, साथ हीं बांस की खेती कर सालों भर हमलोगों के आय वृद्धि में कार्य किया जा रहा है, यह हमलोंगों के लिए बहुत बड़ा कार्य है।

प्रशिक्षण ले रहे ग्रामीणों ने आवागमन के लिए सड़क की सुविधा देने की बात कही। उपायुक्त ने जगह-जगह पीसीसी की योजना का प्रस्ताव समर्पित करने का निर्देश संबंधित अभियंता को दिया। वहीं जिस जगह पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है, उस चबुतरे में शेड की सुविधा न होने की स्थिति को देखते हुए शेड निर्माण का प्रस्ताव भी समर्पित करने की बात कही।

उपायुक्त ने प्रशिक्षण ले रहे प्रशिक्षिणार्थियों को मोटीवेट करते हुए कहा कि कला सबसे बड़ी संपत्ति है, जो आप में है, इसे और उभार कर सामने लायें, प्रशिक्षण का फायदा लें। एक-दूसरे का मदद कर, अपने पैरों पर जिन्दगी को गुजूर-बसर करने की क्षमता शक्ति को बनाये रखें। उपायुक्त ने आस-पास खाली कृषि योग्य भूमि को देख ग्रामीणों से कृषि की संभावनाओं के बार में भी जानकारी ली। उन्होने कृषि कार्य हेतु सिचांई योजना का क्रियान्वयन करने की बात कही। गांव के लोग कृषि को भी बढ़ावा दें। समेकित कृषि के दिशा में भी जिले में कार्य किये जा रहे है।

उपायुक्त ने आसनबेड़ा में बन रहे बहुउदेद्श्य भवन निर्माण का निरीक्षण किया। वहीं भवन के बगल में एक और बड़े हॉल वाले भवन का निर्माण करने से संबंधित प्रस्ताव समर्पित करने का निर्देश दिया। सुरक्षा के मद्देनजर दो हाई मास्क लाईट का अधिष्ठापन किया जायेगा। वहीं बांस की खेती के तहत् एक तालाब का भी निर्माण किया जायेगा। अमीन, कर्मचारी को जमीन का मापी करते हुए आवश्यक कार्य जल्द पूर्ण करने का निर्देश दिया। 11 केभी का ट्रान्सफर्मर अधिष्ठापन की दिशा में कार्यपालक अभियंता विद्युत प्रमण्डल को निर्देश दिया। भवन में मशीन अधिष्ठापन करने वाले एजेन्सी के प्रतिनिधि को बुलाकर उपकरणों के अधिष्ठापन की दिशा में मेजेरमेन्ट कर लेने का निर्देश दिया।

मौके पर आईटीडीए निदेशक सलन भुईंया, तकनीकी पदाधिकारी व अन्य उपस्थित थे।