हजारीबाग । आजादी के अमृत महोत्सव के तहत संत कोलंबा महाविद्यालय हजारीबाग के राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयंसेवक राजीव कुमार ने अपने जन्मदिन के शुभ अवसर पर रक्तदान कर एक वृद्ध को जीवनदान दिया।
उन्होंने कहा कि रक्तदान के माध्यम से हम किसी दूसरे के रगों में सजीवता और स्फूर्ति के साथ दौड़ते हैं। हर मनुष्य को जीवन जीने के साथ जीवनदाता बनने का गौरव भी हासिल करना चाहिए। देश के स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश को आजाद कराया। हम सभी कम से कम रक्तदान कर अपने देश के जरूरतमंद लोगों की मदद कर सकते हैं। भारत वासियों को लेनदारी के साथ देनदारी का कर्तव्य भी पूरी जिम्मेदारी के साथ उठाना चाहिए।साथ ही साथ उन्होंने यह भी बताया कि रक्त के अभाव में किसी की जान में जाए इसको लेकर सभी को जागरूक होने की आवश्यकता है और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने का बीड़ा भी उन्होंने उठाया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थिति कोविड-19 महामारी के कारण ब्लड बैंक में रक्त की कमी थी जिसके कारण मरीज को ब्लड नहीं मिल पा रहा था पर जैसे ही उन्हें इस यह बात का पता चला उन्होंने बिना समय गवाएं उस मरीज को ब्लड देने अस्पताल पहुंच गए और उन्हें रक्त दिया। उन्होंने रक्तदान से होने वाले फायदे भी जैसे -रक्तचाप, दिल का दौरा आदि के बारे में भी बताया। रक्त विभिन्न बीमारियों से ग्रसित रोगियों की जान बचा सकता है। कहा कि कोविड-19को देखते हुए हर जगह जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है ताकि लोग जागरूक होकर रक्तदान करने में अमूल्य योगदान दे सके। साथ ही साथ बताया की माना कि हमारा जीवन सीमित है परंतु हम इस सीमित जीवन में किसी जरूरतमंद को अपना खून देकर उसे असीमित खुशियां जरूर दे सकते हैं।