आजादी के अमृत महोत्सव आईकॉनिक सप्ताह शहरी स्वास्थ्य केंद्र पाकुड़ में मनाया गया

पाकुड़। केंद्र सरकार के आदेशानुसार नेशन टीवी एलिमिनेशन प्रोग्राम (NTEP) भारत सरकार की एक महत्वकांक्षी परियोजना है। माननीय प्रधानमंत्री जी की घोषणा के अनुसार वर्ष 2025 तक भारत को पूर्ण रूप से टीवी मुक्त राष्ट्र बनाना है। इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु इस वर्ष 2022 को आजादी की 75 वीं वर्षगांठ के शुभ अवसर पर सभी राज्यों में दिनांक 3 जनवरी 2022 से 9 जनवरी 2022 तक आजादी के अमृत महोत्सव (Iconic week) मनाया जा रहा है।

राज्य के उप निर्देशक – सह – राज्य यक्ष्मा पदाधिकारी, झारखंड रांची के निर्देशानुसार जिलों के सभी प्रखंडों में जन आंदोलन एवं टीवी जागरूकता कार्यक्रम किया जाना है जिसके तहत आज नेशन टीवी एलिमिनेशन प्रोग्राम के अंतर्गत आजादी के अमृत महोत्सव आईकॉनिक सप्ताह शहरी स्वास्थ्य केंद्र पाकुड़ में मनाया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉक्टर रामदेव पासवान ने की।

सिविल सर्जन डॉक्टर रामदेव पासवान ने अपने संबोधन में कहा कि पाकुड़ जिले में वर्ष 2021 में टीवी के पंजीकृत मरीजों की संख्या 1412 है। जिसमें से वैसे मरीज जिनका 6 माह तक इलाज करवा कर स्वस्थ हो गए हैं उनका सक्सेस आउटकम लगभग 90 प्रतिशत है। साथ ही 6 माह तक इलाज के दौरान उनके पोषाहार के लिए सरकार के द्वारा निश्चय पोषण योजना के तहत प्रति माह ₹500 की राशि हम पाकुड़ अनुसूचित जिला होने के कारण सभी मरीजों को जांच एवं इलाज के स्वास्थ्य के अंतर्गत आने जाने हेतु 750 रुपये की राशि भी DBT के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती हैं।

उन्होंने कहा कि टीवी की जांच माइक्रोस्कॉपी, ट्रूनेट और CBNAAT के माध्यम से जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मुफ्त की जाती है। जांच के बाद पॉजिटिव पाए जाने पर उनका निश्चय पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकृत किया जाता है और फिर टीवी की दवाई 6 माह तक खिलाई जाती है। इस कार्य में सहयोग करने वाले हैं ट्रीटमेंट सपोर्टर को भी इंसेंटिव के रूप में ₹1000 की ईलाज पूर्ण होने पर डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। डीआरटीवी के मरीज जिनका Drug Resistant होने की स्थिति में 9 से 11 माह/ 18 से 20 माह का ईलाज किया जाता है। जिसमें मरीजों को निश्चय पोषण योजना के तहत प्रति माह 500 एवं आने जाने हेतु 750 रुपये की राशि उनके बैंक खाते में दी जाती है। टीवी मरीजों के सफल इलाज हेतु पुराने सदर अस्पताल परिसर में एक डिजिटल एक्सरे मशीन लगाया जा रहा है जिसमें सभी टीवी के मरीजों को जांच मुफ्त की जा सकेगी। आने वाले दिनों में एक्टिव केस फाइंडिंग के माध्यम से घर-घर संभावित टीवी मरीजों को खोज कर उन्हें स्वास्थ्य केंद्र तक लाकर, जांच करवा कर सफल इलाज किया जाएगा। जिससे हमारा जिला एक टीवी मुक्त जिला घोषित हो सके।

जिला जनसंपर्क पदाधिकारी ने कहा कि टीबी एक जानलेवा बीमारी है। इलाज समय पर शुरू कराने से इस बीमारी से मुक्ति मिल सकती है। दो सप्ताह से अधिक दिनों तक खांसी होने पर तत्काल सरकारी अस्पताल जाकर बलगम की जांच करानी चाहिए। सरकारी अस्पतालों में बलगम जांच मुफ्त में की जाती है। साथ ही दवा भी मुफ्त दी जाती है।
उन्होंने कहा कि सरकार जनता को स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। जागरूकता के अभाव में लोग इस लाभ से वंचित रह जाते हैं। सरकार द्वारा दी जा रही सुविधा को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए प्रशासन प्रयासरत है। कहा कि जागरूकता के अभाव में लोग टीबी का इलाज नहीं कराते। इस तरह का कार्यक्रम प्रत्येक माह ग्रामीण स्तर पर हो ताकि ग्रामीण जागरूक हो सकें।

इस अवसर पर जिला यक्ष्मा पदाधिकारी, पाकुड़ एमओआईसी, एसएमपीओ, इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे।