सेन्हा/लोहरदगा l सेन्हा प्रखंड अन्तर्गत चितरी ग्राम में 15 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर लगने वाला ऐतिहासिक चितरी घाघ मेला का आयोजन पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी बढ़ते महामारी को लेकर नही होगा आयोजन वैष्विक महामारी कोरोना के तीसरे लहर के बढ़ते प्रकोप के कारण सेन्हा प्रखंड अंतर्गत डांडू पंचायत क्षेत्र के चितरी दक्षणी कोयल तट पर लगाने वाली ऐतिहासिक मेला का आयोजन समिति द्वारा नही लगाने का निर्णय लिया गया। उक्त आशय की जानकारी मेला समिति अध्यक्ष रविन्द्र कुमार सिंह ने देते हुए बताया कि लोहरदगा
जिला का ऐतिहासिक चितरी घाघ मेला नही लगेगा मेला आयोजन समिति ने विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि जिन्दगी रही तो बहुत मेला का आयोजन होता रहेगा। परन्तु कोविड 19 के घातक बेरियंट ओमिक्रोन आया है। इससे बच्चे भी काफी ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। और हम सब नही चाहते की मेला आयोजित कर भीड़ भाड़ लगाएं और कोरोना महामारी हमारे गाँव तक फैले इसलिए सरकार व जिला प्रशासन के दिशा निर्देश का पालन करते हुए मेले का आयोजन को आस्थगित करने का फैसला लिया गया है। साथ ही मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष रविन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि पिछले वर्ष मकर संक्रांति के दिन पूजा अर्चना करने आने जाने वाले भक्तजनों को भी कोरोना संक्रमण प्रकोप से गुजरना पड़ा था। और इसका परिणाम हम सभी को झेलना पड़ा था। साथ ही उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन कोयल नदी तट पर स्थित भगवान शंकर का मंदिर में गाइडलाइन के अनुसार पूजा अर्चना करने के लिए नियम के अनुसार भक्तो को मन्दिर स्थल तक जाने की अनुमति दें जिससे सभी की आस्था बनी रहे।