ग्रामीणों को नल से जल मिले- सचिव

नहर की सुविधा से सालों भर कृषि को बढ़ावा दें- सचिव

सिमडेगा | सचिव, श्री प्रशांत कुमार, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग -सह- जल संसाधन विभाग झारखण्ड सरकार का जिला में आगमन हुआ। उन्होने पेयजल विभाग अन्तर्गत संचालित योजनाओं के धारातल पर क्रियान्वयन का घर-घर जाकर जायजा लिया। जल जीवन मिशन का निरीक्षण किया। कोबांग डैम पहुंच कांसजोर जलापूर्ति योजना के संचालन एवं क्रियान्वय के वस्तु स्थिति से रूबरू हुये। रामरेखा धाम पहुंच मंदिर में पुजा अर्चना की साथ हीं रामरेखा जलापूर्ति योजना की समीक्षा की। मंदिर परिसर में पाईप लाईन के माध्यम से बहाल पेयजल सुविधा का भी जायजा लिया। रामरेखा धाम के प्राकृतिक वातावरण को देख प्रसन्नता जाहिर की। रामरेखा धाम की चोटियों से रेगरापानी पहाड़ का अवलोकन किया।

सचिव महोदय के जिला आगमन पर उपायुक्त सिमडेगा श्री सुशांत गौरव ने बुके देकर उनका स्वागत किया। उपायुक्त सिमडेगा श्री सुशांत गौरव संग परिसदन भवन से क्षेत्र भ्रमण को निकलें।

खुंटीटोली पंचायत अन्तर्गत कुम्हार टोली पहुंच ओडीएफ फेस – 2 के तहत् गांव की स्वच्छता, नाडेफ टैंक, सोख पीट की उपयोगिता का निरीक्षण किया। उन्होने ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन की व्यवस्था का निरीक्षण किया। निर्मित नाडेफ टैंक के मॉडल को बेहतर बताया। जहां गोब्बर खाद्, जैविक खाद् का उत्पादन किया जा रहा है। घर-घर जाकर सोख्ता गढ्ढा का निरीक्षण किया। पानी संचयन की दिशा में घर के समीप बनाये गए सोख्ता टैंक की सुविधा की सराहना की। ग्रामीणों की जागरूकता को सराहा। उन्होने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत् घर-घर नल से जल पहुंचाया जा रहा है, पानी की बर्बादी होने से रोकने के लिए सभी नल के समीप सोख्ता गढ्ढा का होना महत्वपूर्ण बताया। गांव भ्रमण के क्रम में कहा कि गांव में बिजली, पानी, सड़क की सुविधा हो जाने से गांव की सुरत हीं बदल जाती है। गांव के लिए ये सुविधा महत्वपूर्ण कड़ी है।

सचिव कोबांग डैम पहुंचें, जहां उन्होने जल संसाधन विभाग एवं पेयजल विभाग अन्तर्गत धारातल पर क्रियान्वित कांसजोर जलापूर्ति योजना का निरीक्षण किया वहीं कांसजोर जलाशय योजना के नहर का मुआयना किया। उन्होने मौके पर जल संसाधन के अभियंता से नहर निर्माण की उपयोगिता सहित आवश्यक जानकारी ली। उन्होने कहा कि नहर निर्माण के साथ-साथ स्थानीय किसानों के खेतों में रब्बी मौसम में भी खेती हो इसे सुनिश्चित करें। किसानों के साथ बैठक करें। वाटर यूजर्स समिति गांव स्तर पर बनाने की बात कही। गांव के हिसाब से प्लान तैयार कर लेने को कहा। डैम एवं केनाल की सुविधा से किसान सालो भर खेती करें, इस दिशा अभियंता को आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही। तालाब बनाते हुए कृषि सिंचाई हेतु केनाल से तालाब को टैग करते हुए खेतों में उपजाये गए फसलों के सिंचाई सुविधा बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दियें। कांसजोर नहर से कुल 37 गांव के ग्रामीणों को लाभ मिल रहा हैं, जिसमें पाकरटांड़ प्रखण्ड के 26 एवं सिमडेगा प्रखण्ड के 11 गांव शामिल है।

कोबांग डैम से कांसजोर ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत् निर्माणाधीन वाटर ट्रीटमेन्ट प्लान्ट का भी स्थलीय निरीक्षण किया। प्लान्ट के पानी टंकी, भवन निर्माण एवं अधिष्ठापित मशीनी उपकरणों की तहकीकात की। योजना के शुरू होने से 7100 घरों को इससे शुद्ध पेयजल मिलेगा। इसके उपरांत सचिव महोदय ने रामरेखा जलापूर्ति योजना का जायजा लिया। 4175 गृह में कनेक्शन का कार्य किया जा चुका है। ग्रामीण जलापूर्ति योजना का लाभ ग्रामीण क्षेत्र में मिल रही है। रामरेखा स्थित फूलझर गांव पहुंचे जहां उन्होने जल जीवन मिशन के तहत् नल से जल के योजना के सफल क्रियान्वयन का जायजा लिया। ग्रामीणों से मुलाकात भी की। उन्होने कहा कि योजना आपकी सुविधा के लिए है, स्वंय से भी इसकी अच्छे से देखरेख करें। इसके अलावे कार्यपालक अभियंता से कार्यों के बारे में जानकारी ली। सिमडेगा प्रखण्ड स्थित भेड़ीकुदर गांव पहुंचे। जहां नल से जल की सुविधा का निरीक्षण किया।

मौके पर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अभियंता, जल संसाधन विभाग के अभियंता व अन्य अभियंता, पदाधिकारी उपस्थित थें।