चाईबासा। श्री गुरु गोविंद सिंह जी का 556 वाँ प्रकाश उत्सव गुरुद्वारा नानक दरबार चाईबासा में श्रद्धापूर्वक मनाया गया। शुक्रवार को आरंभ किये गये श्री अखंड पाठ की सम्पूर्णता आज रविवार को हुई।
श्री गुरु सिंह सभा के सचिव सुरिंदर पाल सिंह वालिया ने गुरु परब पर समुह साध संगत को श्री गुरु गोविंद सिंह जी के प्रकाश उत्सव की लख लख बधाईयाँ दी।

गुरुद्वारा के ग्रंथी बलदेव सिंह, जमशेदपुर से आए ग्रंथी प्रताप सिंह, हरजीत सिंह तथा बीबी हरजिंदर कौर ने दो दो घंटे बारी बारी से अड़तालीस घंटे पाठ किया।
इसके बाद निसान साहिब को हाइड्रोलिक मोटर द्वारा नीचे करके निसान साहिब का चोला बदल कर अरदास की गई। विदित है कि इस नए बने पच्चासी फुट ऊंचे हाइड्रोलीक निसान का उद्घाटन चार अप्रैल 2021 को तख्त श्री हरिमंदिर जी, पटना साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब रंजीत सिंह जी के कर कमलों द्वारा हुआ था।
छोटे छोटे बच्चों द्वारा कविता पाठ किया गया। स्त्री सत्संग सभा द्वारा शब्द कीर्तन किया गया। जमशेदपुर से आए ग्रंथी प्रताप सिंह द्वारा साहिब ए कमाल दशमेश पिता श्री गुरु गोविंद सिंह जी की जीवनी का विस्तार से वर्णन किया।
किस तरह उन्होंने देश एवं हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए सारा वंश निछावर किया। उनके पिता सिखों के नौवे गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी ने हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए दिल्ली के चाँदनी चौक में अपनी शहादत दी। श्री गुरु गोविंद सिंह जी के चारों बेटे ने छोटी उम्र में ही देश धर्म की रक्षा के लिए अपनी कुर्बानी दी।
विश्व में इस तरह की कोई भी मिसाल नहीं है।
निशान साहिब की सेवा तथा लंगर वरताने की सेवा में दलविन्दर सिंह, रौनक सिंह खोखर, गगनदीप सिंह वालिया, चाहत सिंह, हरप्रीत सिंह, जसप्रीत सिंह, राजपाल सिंह, गोल्डी सिंह, जसमेहर सिंह, वीर सिंह वालिया, अनमोल सिंह ने अहम भूमिका निभाई।
ज़िले में कोविड के कारण बने मौजूदा हालात को देखते हुए सादगीपूर्ण तरीके से ही श्री गुरु गोविंद सिंह जी का प्रकाश उत्सव मनाया गया ।