हजारीबाग । जिले के मेरु सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के आइजी डी.के.शर्मा महज़ करीब साढ़े 10 माह के कार्यकाल में ही इन्होंने अपनी सक्रियता, तत्परता, मेहनत, लगन व मानवीय संवेदना के बदौलत हजारीबाग वासियों के हर वर्ग का दिल जीत लिया। आइजी डी.के.शर्मा का तबादला कोलकाता हो गया है। लेकिन जब से इन्होंने हजारीबाग के मेरू बीएसएफ कैंप में बतौर आइजी का पदभार संभाला तब से बीएसएफ मेरु कैंप परिसर में सिविलियन के हर वर्ग के लोगों का जुड़ाव बढ़ा। उन्होंने सकारात्मक प्रयास करते हुए बीएसएफ और समाज के सभी वर्ग के लोगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए स्कूली बच्चों और अन्य जागरूक वर्गों के लिए कैंप परिसर में जंगल सफारी कार्यक्रम की शुरुआत करायी। जंगल सफारी कार्यक्रम के दौरान बीएसएफ की विभिन्न गतिविधियों से लोगों को रूबरू कराते हुए सेना के जवानों के प्रति और पर्यावरण एवं अनुशासन के प्रति लोगों को जागृत करने का सकारात्मक पहल किया। कोरोना आपदा काल में हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में मरीज के परिजनों के लिए लगातार तीन महीने तक स्वादिष्ट और पौष्टिक युक्त भोजन का वितरण कराकर यह साबित कर दिया कि सेना के जवान सिर्फ़ बाहरी दुश्मनों से हमारी रक्षा ही नहीं करते बल्कि मानवता और इंसानियत की रक्षा के लिए भी तैयार रहते हैं। गौशाला में आयोजित गोपाष्टमी मेला में भी इनकी भागीदारी काबिले तारीफ रही। बीएसएफ मेरू गेट का कायाकल्प, आई लव बीएसएफ का मोनोग्राम मुख्य गेट के बाहर लगवाया और इसे सेल्फी प्वाइंट का स्वरूप दिया। दीपावली पर्व कैंप में आयोजित मेला को भी भव्य स्वरूप प्रदान करते हुए एक बार पुराने स्वरूप में लौटने में सफलता हासिल की। आजादी का अमृत महोत्सव, फिट इंडिया हिट इंडिया, पर्यावरण महोत्सव, खेल – कूद प्रतियोगिता और बीएसएफ की 57 वीं स्थापना दिवस समारोह कार्यक्रम के माध्यम से भी अपनी अनोखी क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। हजारीबाग वासी आपके द्वारा किए गए बेहतर प्रयास और कार्यों को कभी भुला नहीं सकते ।

आज हजारीबाग प्रेस जगत की और से स्थानीय निर्मल महतो पार्क परिसर अवस्थित कैंटीन एरिया में एक सादे समारोह का आयोजन कर उन्हें विदाई दी गई।

वाकई बीएसएफ के आईजी डी.के.शर्मा की शालीनता और सादगी यहां भी देखते ही बनी। पूरी बेबाकी से उन्होंने अपनी बातें रखी और कहा कि मैंने अपने सारे 10 महीने के कार्यकाल में बीएसएफ और समाज के अन्य वर्गों के बीच एक बेहतर समन्वय स्थापित करने की कोशिश की जिसमें प्रेस और मीडिया ने एक ब्रिज का काम किया। हजारीबाग के जागरूक और प्रबुद्ध जनों से मुझे कई आईडिया मिला जिसे मैंने अमल भी किया और आगे भी अमल करेंगे।