साहिबगंज। साहिबगंज महाविद्यालय के पूर्व अँग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉक्टर बसंत कुमार पाण्डे का निधन हो गया। शुक्रवार को दोपहर बाद उन्होंने कोलकाता के निजी अस्पताल में अन्तिम सांस ली। वे लिवर सिरोसिस से पीड़ित थे और पिछले चार माह से बीमार चल रहे थे, जिस कारण अपनी बेटी के पास रहकर कोलकाता में इलाज करा रहे थे। कुछ समय से डॉक्टरों ने उन्हें वेंडिलेटर पर था।
डॉ. बसंत कुमार पाण्डे अंग्रेजी के विद्वान, बहुभाषा के ज्ञाता तथा पर्शिया में पी एच डी प्राप्त किया था। उन्हें पर्सियन भाषा में मशहूर गीतकार “उमर खय्याम की रुबाइयाँ” हेतु पीएचडी प्रदान किया गया था। 1975 में उन्होंने साहिबगंज महाविद्यालय में अपना योगदान अंग्रेजी विभाग में दिया था, जबकि 2009 में विभागाध्यक्ष पद से सेवानिवृत्त भी हुए थे। वे बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी, कुशल शिक्षक के साथ – साथ एक सामाजिक कार्यकर्ता एवं मिलनसार व्यक्तित्व के स्वामी थे। वे अपने पीछे पुत्र अद्वैत चैतन्य, कैवल्य चैतन्य व पुत्री प्रज्ञा चैतन्य अपने पीछे छोड़ गए हैं।
डॉ.बसंत कुमार पाण्डे के निधन का समाचार सुनते ही साहिबगंज महाविद्यालय परिवार, सिद्धो – कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय दुमका परिवार सहित जिले में शोक की लहर दौड़ गई। सिद्धो – कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय शिक्ष्क संघ के साहिबगंज महाविद्यालय इकाई के सचिव डॉ. रणजीत कुमार सिंह सहित कई शिक्षक कर्मी, छात्रों सहित पूर्व छात्र – छात्राओं ने संवेदना व्यक्त की है। उनके निधन से जिले ने एक महान विद्वान, सामाजिक कुशल कार्यकर्ता, बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी, मिलनसार व्यक्तित्व के स्वामी को खो दिया है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती।