पानी के लिए तरस सकते हैं लोग,बारिश नहीं होने से बढ़ी परेशानी

कोडरमा। जिला में स्थित तिलैया डैम के चारों ओर की छटा बहुत मनोरम है. ये डैम बराकर नदी पर बनाया गया है. जो दामोदर घाटी निगम की ओर से बनाया गया पहला बांध और हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर स्टेशन है. यह डैम 36 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है. जिसकी ऊंचाई 30.28मीटर और लंबाई 366m है. तिलैया डैम में कुल भंडारण की क्षमता 394.74 एमसीएम है. इस डैम से झुमरी तिलैया, कोडरमा, बरही व चौपारण की जनता को पीने का पानी सप्लाई किया जाता है. जिससे 5 लाख से ज्यादा लोग लाभान्वित होते हैं. बात पानी की कैपेसिटी की करें तो-

2017 – 365.36मीटर
2018 -364.13मीटर
2019 – 363.81 मीटर
2020 – 365.39 मीटर
2021 – 370.61 मीटर पानी स्टोर हुआ था.
वहीं 2022 में कम बारिश होने की वजह से डैम में कुल जमा पानी 364.24 मीटर है.

केटीपीएस पावर प्लांट इसी डैम पर निर्भर है

तिलैया डैम के तकनीकी सहायक की बात मानें तो बारिश की पानी की कमी की वजह से लोगों को पीने की पानी की समस्या होगी. दूसरी ओर केटीपीएस पावर प्लांट जो इसी डैम पर निर्भर है. उसमें भी बिजली उत्पादन करने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा. जिले के अंदर पानी सप्लाई को लेकर 15 से ज्यादा वाटर टैंक बनाए गए हैं, जिनकी कैपेसिटी प्रति टैंक 1 लाख लीटर की है. ऐसे में बारिश नहीं होने पर भी तिलैया डैम से सप्लाई होने में बहुत परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा.

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