एटीएम से पैसे चोरी कर करता था सट्टेबाजी ,दुबई से होती थी डील

रांची।  रांची पुलिस एटीएम में कैश डालने वाली एजेंसी के कर्मचारी द्वारा 1.72 करोड़ चोरी मामले में पुलिस खुलासा करते हुए दो आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार आरोपी अतुल शर्मा मूल रूप से बिहार के जहानाबाद जिले के घोसी थाना क्षेत्र के गिनजी गांव का रहने वाला है, वर्तमान में चुटिया थाना क्षेत्र स्थित स्टेशन के पास रहता है. जबकि दूसरा आरोपी चुटिया थाना क्षेत्र के आनंदपुर का रहने वाला है. आरोपी के पास से एटीएम के चुराए गए 5 लाख रुपये, सट्टा से संबंधित व्हाट्सएप मैसेज एवं ऐप, सट्टा में लगाया गया 1.55 लाख रुपये और मोबाइल बरामद किए गए. पुलिस जांच में यह पता चला है कि रुपया लेकर फरार सीएमएस के कर्मचारी अमित कुमार मांझी और सुभाष चेल द्वारा एटीएम के चुराए गए 1.72 करोड़ रुपये में से 60 लाख रुपए अतुल शर्मा को सट्टा खेलने के लि‍ए दिया गया था.  गिरफ्तार आरोपी सनोज ठाकुर द्वारा पुलिस को बताया गया दिल्ली के एक आदमी इसका मुख्य संचालक है जिससे वह संपर्क करता था लेकिन सत्ता का मुख्य बुकी दुबई में रहता है. पुलिस अब मामले में अलग से सट्टा खिलाने को लेकर प्राथमिकी दर्ज कर ली है. इधर पुलिस मुख्य आरोपी  सुभाष चेल ओर अमित कुमार मांझी की तलाश में कई राज्य में छापेमारी कर रही है आरोपी रुपए चोरी करने के बाद रांची से फरार हो गया. पुलिस को जानकारी मिली है वह किसी अन्य राज्य में छुपा हुआ है. गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम छापेमारी कर रही है.

सीएमएस के कर्मी काफी समय से कर रहे थे एटीएम से रुपये की चोरी

सीएमएस कंपनी के कर्मचारी अमित कुमार मांझी और सुभाष चेल काफी समय से एटीएम के पैसे की चोरी कर रहा था. आरोपी सट्टा खिलाने के लिए पांच दस लाख रुपये की चोरी कर अतुल शर्मा को देता था. अतुल शर्मा रुपये को सट्टा में लगाता था. अतुल शर्मा सुभाष चेल का नजदीकी दोस्त है.

ऑडिट रिपोर्ट में हुआ था खुलासा

एटीएम में कैश डालने वाली एजेंसी सीएमएस के कर्मी द्वारा 1. 72 लाख रुपये की चोरी का खुलासा उस वक्त हुआ जब अमित कुमार मांझी और सुभाष चेल फरार हो गए. सीएमएस कंपनी की तीन दिन की ऑडिट रिपोर्ट में चोरी का खुलासा हुआ. मामले में सीएमएस इंफो सिस्टम लिमिटेड कंपनी के रीजनल ऑपरेशन मैनेजर इंद्रनील सेन ने कस्टोडियन अमित कुमार मांझी, सुभाष चेल और ब्रांच मैनेजर अभिजीत कुमार पांडेय के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई. रीजनल मैनेजर ने बताया कि कंपनी सरकारी एवं गैर सरकारी बैंकों से राशि प्राप्त कर विभिन्न एटीएम में डालने का काम करती है. रांची के 36 एटीएम में अमित कुमार मांझी और सुभाष चेल को राशि डालने के लिए कस्टोडियन बनाया गया था. लेकिन बैंक से पैसे उठाकर भी एटीएम में डाले ही नहीं. आरोपी बीते 14 जुलाई को जब कार्यालय नहीं पहुंचे. कंपनी 11 से 13 जुलाई तक के ऑडिट की तो 1. 72  करोड़ रुपए का हिसाब नहीं मिला.

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