एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक हुए निलंबित, एडीएम नंद किशोर लाल प्रशासक नियुक्त

जमशेदपुर। एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अरूण कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. उनकी जगह जिले के एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) नंद किशोर लाल को प्रशासक नियुक्त किया गया है. उक्त निर्णय सोमवार को रांची नेपाल हाउस में स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन मंत्री बन्ना गुप्ता की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया. बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह, स्वास्थ्य मंत्री के आप्त सचिव आसिफ एकराम, अधीक्षक डॉ. अरूण कुमार,  उप अधीक्षक डॉ. नकुल चौधरी, संयुक्त सचिव आलोक त्रिवेदी समेत एमजीएम के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे.

अस्पताल की व्यवस्था सुधारने में रहे नाकाम

डॉ. अरूण कुमार को हटाने का मुख्य कारण उनकी ओर से अस्पताल की व्यवस्था सुधारने में दिलचस्पी नहीं लेना है. अस्पताल में नए भवनों के निर्माण, विभागों को व्यवस्थित करने समेत कई मुद्दों को लेकर लंबे समय से जद्दोजहद चल रही है. लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था में कुछ खास सुधार नहीं हुआ. कर्मचारी एवं चिकित्सक लगातार मनमानी करते रहे. जिसका ठीकरा अंततः अस्पताल अधीक्षक पर फूटा. हालांकि योगदान देने के समय ही डॉ. अरूण कुमार ने कहा था कि तीन महीने में व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर वे स्वयं अधीक्षक का पद छोड़ देंगे. उनके पद छोड़ने से पहले ही स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें चलता कर दिया.

एमजीएम अस्पताल को लेकर लिए गए 10 निर्णय

स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में रांची में उच्चस्तरीय बैठक में कुल 10 बिंदुओं पर निर्णय लिया गया. जिसमें अस्पताल में वर्षों से जमे तृतीय और चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों का स्थानांतरण करने, 11 करोड़ 78 लाख रुपये की लागत से उपकरण और मशीनों की खरीद प्रकिया शुरु करने, 2 करोड़ 29 लाख रुपये की राशि से फर्नीचर की खरीद करने का फैसला शामिल है.

उपायुक्त से विस्तृत प्रतिवेदन मांगा गया

एमजीएम अस्पताल में वर्तमान आउटसोर्स कंपनी में कार्यरत कर्मियों की स्थिति, उपस्थिति के आंकलन के अलावे सभी जर्जर भवन के मरम्मतीकरण का आंकलन कर उसकी विस्तृत रिपोर्ट उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया. साथ ही उपायुक्त से इस संबंध में एक विस्तृत प्रतिवेदन मांगा गया. बैठक में पीपीपी मोड पर कैथ लैब और ऑनकलॉजी विभाग शुरू करने पर चर्चा हुई. साथ ही एमजीएम अस्पताल में कार्यरत जूनियर चिकित्सकों के बकाया वेतनमान सहित अन्य मद का तत्काल भेजने का निर्देश दिया गया.

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