झरिया की कांग्रेस विधायक के देवर एकलव्य समेत 40 पर लग सकता है पर्सोना नाॅन ग्राटा

धनबाद। जनता मजदूर संघ (बच्चा सिंह गुट) के झरिया विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के देवर व पूर्व उपमहापौर एकलव्य सिंह सहित अन्य नेताओं पर ‘अवांछित तत्व’ घोषित होने का खतरा बढ़ गया है. बीसीसीएल के सीएमओएएआई ने नन ग्राटा पर्सन लगाने की मांग की है. लैटिन शब्द पर्सन नन ग्राटा का मतलब “अवांछित “होता है, जिसके तहत बीसीसीएल के मुख्यालय से लेकर सभी 12 कोलियरी में प्रवेश निषेध हो जाएगी.
दरअसल, बीसीसीएल के पूर्वी झरिया भौंरा क्षेत्रीय कार्यालय में मंगलवार को जीएम एसएस दास और पूर्व डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह के बीच विस्थापितों के मुद्दे पर वार्ता के दौरान माहौल बिगड़ गया और आरोप है कि एकलव्य सिंह ने अपना आपा खोते होते हुए बोतल और शीशे का ग्लास फेंक कर महाप्रबंधक पर हमला किया, उनसे गाली गलौज और दुर्व्यवहार की. किसी तरह सीआईएसएफ के पीएसओ ने उन्हें बचाया.

मामले में जीएम सिद्धार्थ शंकर दास ने पूर्व डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह, आरके पाठक, सुबोध कुमार सिंह, चंदन महतो, शिव प्रकाश सिंह, मलूक सिंह शत्रुघ्न सिंह के साथ 40 जनता मजदूर संघ (बच्चा गुट) के समर्थकों के खिलाफ सुदामडीह थाना में एफआईआर दर्ज कराई है.

बताया जा रहा है कि जीएम ऑफिस में वार्ता के लिए एकलव्य की अगुवाई में जनता मजदूर संघ बच्चा गुट के प्रतिनिधि पहुंचे थे. भौंरा ऊपर 12 नंबर में होने वाले विस्थापितों के पुनर्वास वह मुआवजा व नियोजन के कागजात मुख्यालय भेजने, बिजली पानी सहित अन्य मुद्दों पर वार्ता थी इसी दौरान हंगामा शुरू हुआ.
प्रबंधन का कहना था कि 157 लोग की सूची बनाई गई है 27 लोगों ने आधार कार्ड नहीं दिया है जैसे ही आधार कार्ड सभी का मिल जाता वैसे ही सूची एक साथ मुख्यालय भेजी जाएगी. जबकि, नेता टुकड़ों में भेजने पर दबाव बना रहे थे. इसी दौरान मामला बिगड़ गया.

बीसीसीएल जीएम का आरोप है कि चर्चा के दौरान पूर्व शब्दों का प्रयोग करने लगे विरोध करने पर सामने रखी पानी की बोतल जीएम पर फेंक दी. बोतल को सीआईएसएफ ने हवा में रोका. इसके बाद जान मारने की नियत से जूस से भरे शीशे का गिलास उन पर दे मारा. ग्लास पीछे दीवाल में लगी टीवी से टकराई और क्षतिग्रस्त हो गया.
आरोप है कि पूर्व समर्थक हंगामा करते हुए कार्यालय से बाहर निकल गए. उसके बाद समर्थकों ने भौंरा ए5 सुदामडीह सुदामडीह 4 ए पैच, सुदामडीह फायर पैच, सुदामडीह एक्स 2 पैच का उत्पादन ठप करा दिया.

घटना को लेकर कोल माइंस ऑफिसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने मंगलवार की शाम भौंरा गेस्ट हाउस में बैठक की और पूरी घटना की निंदा की. बीती रात ही पूरे मामले से बीसीसीएल सीएमडी समीरन दत्ता को अवगत कराया गया. और एकलव्य सिंह समेत 40 जमसं (बच्चा गुट) के खिलाफ पर्सन नन ग्राटा लगाने की मांग की गई.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीसीसीएल मुख्यालय कोयला भवन इस मामले को लेकर गंभीर है. और सीएमओएआइ के मांग पर उन पर पर्सन नन ग्राटा का प्रतिबंध लग सकता है. पहले भी बीसीसीएल प्रबंधन ने कोल अधिकारियों के साथ मारपीट या दुर्व्यहार के आरोप में कई मजदूर नेताओं के खिलाफ ऐसे प्रतिबंध लगा चुकी है. आज सीएमओएएआई पूरे मामले की शिकायत एसएसपी से करेगा और कार्रवाई की मांग करेगा.

महाप्रबंधक झूठ बोल रहे हैं, असली बात छुपा रहे

इधर, जमसं नेता ने बताया कि महाप्रबंधक झूठ बोल रहे हैं अपनी बात को छुपा रहे हैं. उन्होंने यहां पर बसने वालों के बारे में कहा कि न जाने कहां-कहां से भिखारी बस जा रहे हैं. सिर दर्द कर दिया है. इसी का विरोध किया गया. बोतल नहीं फेंकी गई. मारपीट और धमकी नहीं दी गई. सिर्फ टिप्पणी वापस लेने को कहा गया. मारपीट करनी होती तो बोतल ग्लास नहीं फेंके जाते. दूसरे पक्ष की ओर से भौंरा के ही विस्थापित संदीप पासवान ने बीसीसीएल के भौंरा जीएम एसएस दास पर जाति सूचक गाली देने और दुर्व्यहार करने का आरोप लगाया है और सुदामडीह थाना में ही शिकायत दी है. संदीप पासवान ने ब्लास्टिंग से क्षतिग्रस्त हुए मकान की मरम्मती कराने की मांग को लेकर भौंरा क्षेत्रीय कार्यालय गए थे. संदीप पूर्व डिप्टी मेयर एकलव्य के समर्थक बताए जाते हैंं.

गौरतलब है कि झरिया विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के देवर पूर्व डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह पर पहले भी नगर निगम के इंजीनियर से मारपीट करने, हथियार सटा कर धमकी देने का आरोप लगे हैं. हालांकि मारपीट और बदसलूकी के इस मामले में वे कोर्ट से बरी हो गए क्योंकि दूसरे पक्ष ने मामले में समझौता कर लिया एक बार फिर से वह अपने कारनामों को लेकर चर्चा में है.

यहां बता दें कि यूनियन के नाम पर रंगदारी और दबंगता कोयलांचल की रग-रग में समाया हुआ है. अपना अधिकार क्षेत्र बढ़ाने और अपने को बाहुबली साबित करने के लिए यूनियनों का सहारा लिया जाता है. इतना ही नहीं मजदूरों की आड़ में स्वार्थ सिद्धि का खेल भी खूब चलता है. यूनियनों से मजदूरों का कितना भला होता है, यह तो वही जाने लेकिन नेताओं की खादी इससे खूब चमकती है. मंगलवार को पूर्वी झरिया क्षेत्र के महाप्रबंधक और जनता मजदूर संघ (बच्चा सिंह गुट ) के नेताओं के बीच जो हुआ, उसके पीछे भी लगभग इसी तरह की बातें कहीं जा रही हैं.

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