अल्पवृष्टि से सुखाड़ की स्थिति उत्पन्न , किसानों में छाई मायूसी

चांडिल। चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में अल्पवृष्टि से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं. समय से बारिश नहीं होने से किसानों में मायूसी छा गई है. धान के बीड़ा सूखने लगे हैं, जिससे किसान को चिंता सता रही है. क्षेत्र में सुखाड़ की स्थिति उत्पन्न हो रही है. सावन माह बीतने के कगार पर है और किसान वर्षा के अभाव में धान की खेती नहीं कर पा रहे हैं. ऐसे में उनके समक्ष विकट परिस्थिति उत्पन्न हो रही है.

सरकार की योजनाओं से किसानों को नहीं मिल पा रहा लाभ

चांडिल अनुमंडल कृषि प्रधान क्षेत्र है. यहां गांव के किसान बारिश के अभाव में खेती को लेकर परेशान है. खेती को बढ़ावा देने के लिए सिंचाई के नाम पर सरकार कई योजनाएं चलाने का दम भरती है. लेकिन धरातल पर किसानों को योजना का लाभ नहीं मिलने से उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है. वहीं, कहीं-कहीं थोड़ी बारिश होने से कुछ जगहों पर रोपनी का कार्य शुरू किया गया है. लेकिन पर्याप्त पानी नहीं होने से किसानों को रोपनी करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

ईचागढ़ में दो व चांडिल में तीन प्रतिशत ही हो सकी खेती

चांडिल प्रखंड क्षेत्र में दो बड़े-बड़े डैम है, बावजूद इसके क्षेत्र में समुचित खेती नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है. चांडिल व पालना डैम का मुख्य उद्देश्य खेतों को सिंचित करना है. लेकिन चांडिल प्रखंड क्षेत्र में अब तक तीन प्रतिशत ही खेती की जा सकी है. चांडिल में साढ़े बारह हजार हेक्टयेर भू-भाग पर धान की खेती होती है. चांडिल के प्रभारी प्रखंड कृषि पदाधिकारी स्वपन कुमार गोप ने लगातार डाॅट इन को बताया कि क्षेत्र में प्रर्याप्त वर्षा नहीं हुई है. वहीं, ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र में अब तक दो प्रतिशत भू-भाग पर ही धान की खेती हो सकी है. प्रखंड के प्रभारी कृषि पदाधिकारी धनराज महतो ने बताया कि प्रखंड में 12 हजार हेक्टयेर में धान की खेती होती है.

सुखाड़ क्षेत्र घोषित कर राहत कार्य चलाए सरकार

क्षेत्र के किसानों का कहना है कि साल में मात्र एक ही खेती होती है. ऐसे में धान की रोपनी नहीं होने से किसानों को साल भर के खर्चे की चिंता अब सता रही है. धान की खेती नहीं होने से उनके समक्ष परिवार के भरण-पोषण की समस्या हो जाएगी. किसान क्षेत्र को सुखाड़ क्षेत्र घोषित कर राहत कार्य व मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं. सरकार को किसान को सशक्त और आर्थिक रूप से मजबुत बनाने की जरूरत है. ऐसे में किसानों को बेहतर लाभ देने के लिए सरकार की योजनाओं से लाभान्वित किया जाना चाहिए.

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