सरिता देवी हत्याकांड की गुत्थी आखिर कब सुलझेगी?

गिरिडीह। महिला किसान सरिता देवी हत्याकांड की गुत्थी अब तक नहीं सुलझ पाई है. मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पांडेयडीह में विगत पांच जून को उसकी निर्मम हत्या हुई थी. हत्या के डेढ़ महीने बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं. अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिर कब इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझेगी? 18 जुलाई को हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने टावर चौक पर धरना भी दिया था. इस हत्याकांड को लेकर पुलिस मौन धारण कर रखी है.

5 जून की सुबह सरिता देवी अपने पति गोविंद वर्मा के साथ खेत में सब्जी तोड़ने गई थी. सब्जी तोड़ने के बाद गोविंद वर्मा उसे बेचने गिरिडीह बाजार गया. सरिता देवी अकेली घर लौट रही थी. इसी दौरान पांडेयडीह जंगल के पास धारदार हथियार से अज्ञात हत्यारों ने उसकी नृशंस हत्या कर दी. हत्यारों के बारे में कोई सुराग नहीं मिला है. सरिता देवी के शरीर पर चाकू से गोदने के निशान थे.

घटना की जानकारी पाकर एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह और मुफस्सिल थाना प्रभारी विनय राम सदलबल घटनास्थल पर पहुंचे. एसडीपीओ ने मृतका के परिजनों को हत्याकांड में संलिप्त हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया था. उनका यह आश्वासन बकवास साबित हो रहा है. अब परिजनों के धैर्य की सीमा टूटती जा रही है.

बीजेपी किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष दिलीप वर्मा ने बताया कि हत्याकांड के डेढ़ महीने बाद भी हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होना गिरिडीह पुलिस की विफलता को दर्शाता है. बीजेपी नेत्री शालिनी बेसिख्यार ने कहा कि हेमंत सोरेन के कार्यकाल में महिलाएं असुरक्षित हैं. सरिता देवी की दिनदहाड़े हत्या हुई. हत्यारों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है. पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है. उन्होंने जिले के एसपी अमित रेणु से अविलंब सरिता देवी के हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग की है. मुफस्सिल थाना प्रभारी विनय राम ने का कहना है कि पुलिस सभी बिंदुओं पर हत्याकांड की जांच कर रही है. हत्यारों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

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