चाणक्य आइएएस एकेडमी की ओर से आयोजित कैरियर सेमिनार में अभिभावकों के साथ बड़ी संख्या में पहुंचे विद्यार्थी

रामगढ़ से हीरा सिंह की रिपोर्ट

12वीं पास के बाद सिविल सेवा की तैयारी के लिए अनुकूल समय : विनय मिश्रा

सिविल सेवा के क्षेत्र में आने वाले समय में झारखंड का होगा स्थान अव्वल : रीमा मिश्रा

रामगढ़। सिविल सेवा के क्षेत्र में मुनासिब समय से सही दिशा और बेहतर मार्गदर्शन में परिश्रम किया जाए तो सफलता निश्चित रूप से मिलेगी। एक वक्त झारखंड में ऐसा भी था जब सिविल सेवा के क्षेत्र में ग्रामीण अभिभावक अपने होनहारों को भेजने के बारे में नहीं सोंच पाते थे, उन्हें लगता था कि अमीर घरानों के बड़े शहरों में ही निवास करने वाले सिविल सेवा के क्षेत्र में जा सकते हैं, लेकिन चाणक्य आइएएस एकेडमी ग्रामीणों के इस मिथक को तोड़ने में कामयाब रहा। चाणक्य आइएएस एकेडमी से बीते 30 वर्षों 5000 से भी अधिक आइएएस, 200 से अधिक आईएफएस और 20 हजार से भी अधिक स्टेट पीसीएस में अभ्यर्थी सफलता हासिल कर वर्तमान समय में देश सेवा में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं। उक्त बातें चाणक्य आइएएस एकेडमी के वाइस प्रेसिडेंट विनय मिश्रा ने रामगढ़ थाना चौक स्थित होटल शिवम इन सभागार में शनिवार को आयोजित कैरियर सेमिनार के दौरान कही। कैरियर सेमिनार में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपने अभिभावकों के साथ आए थे। श्री मिश्रा ने इस दौरान कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के साथ साथ शहरी क्षेत्रों तक और नौकरी पेशा के बच्चे से लेकर आम किसान के बेटे भी चाणक्य आइएएस एकेडमी से शिक्षा ग्रहण कर आज सफलता की बुलंदियों पर काबिज़ है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1993 ई. में जब दिल्ली से चाणक्य आइएएस एकेडमी की शुरुआत हुई थी, उस वक्त से लेकर आज तक लगातार संस्थान अपने उच्च मापदंडों को बरकरार रखते हुए रिसर्च के बाद नई तकनीकों और तरीकों का प्रयोग करता रहा है। संस्थान के फाउंडर चेयरमैन व सक्सेस गुरू एके मिश्रा का मार्गदर्शन लगातार संस्थान के विद्यार्थियों को प्राप्त होता रहता है, जो अभ्यर्थियों के सफलता की राह और आसान करता है। इससे पूर्व चाणक्य आइएएस एकेडमी के वाइस प्रेसिडेंट विनय मिश्रा, जेनरल मैनेजर रीमा मिश्रा, झारखंड हेड अभिनव मिश्रा के हाथों दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। बड़ी संख्या में मौजूद अभ्यर्थियों ने गंभीरता से संस्थान के वाइस प्रेसिडेंट विनय मिश्रा की बातें सुनी। उसके बाद चाणक्य आइएएस एकेडमी की जेनरल मैनेजर रीमा मिश्रा जैसे ही मंच पर संबोधित करने पहुंची, तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा सभागार गूंज उठा, सभी का आभार व्यक्त करते हुए श्रीमति मिश्रा ने कहा कि यहां बैठे हर अभ्यर्थी के लिए मैं ऐसे ही तालियों की गड़गड़ाहट सुनना चाहती हूं, जब ये सफलता के मंच पर हों और मैं अपने हाथों से ऐसे अभ्यर्थियों को सम्मानित करूं। उन्होंने कहा कि सभी अभ्यर्थियों को सकारात्मक सोंच रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि चाणक्य आइएएस एकेडमी जहां एक ओर अपने गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा और बेहतर मार्गदर्शन के लिए प्रसिद्ध है, वहीं आर्थिक हालात से मजबूर मेधावी विद्यार्थियों को गोद लेकर उनके सफलता की मंजिल तय करने में भी अहम भूमिका अदा कर रही है। बताते चलें कि बड़कागांव की आंचल जो 12वीं आर्ट्स में राज्य की थर्ड टॉपर थी, उन्हें गोद लेकर आंचल की आइएएस बनने तक की पूरी जिम्मेदारी चाणक्य आइएएस एकेडमी ने ले ली है। हालांकि आंचल पहली बेटी नहीं है, बल्कि इससे पहले भी कई बेटों-बेटियों को गोद लेकर चाणक्य आइएएस एकेडमी उनके सफलता की सीढ़ियां बना है। ऐसे ही नामों में सिमरन का नाम शुमार है जिसे हाल ही में जेपीएससी में सफलता हासिल हुई है। साथ ही सुभाष, जान्हवी, रितिका, अनुष्का, पल्लवी सहित अन्य कई गोद लिए विद्यार्थियों को सारी सुविधाएं चाणक्य आइएएस एकेडमी की ओर से मुहैया कराई जा रही है और सभी संस्थान में तैयारी करते हुए सफलता की ओर तेजी से अग्रसर हैं। उन्होंने मौके पर ज़रूरी घोषणा करते हुए कहा कि आर्थिक रूप से पिछड़े विद्यार्थियों को चाणक्य आइएएस एकेडमी 40 फीसदी तक शुल्क में छूट देगी ताकि आर्थिक रूप से पिछड़े विद्यार्थियों को भी ऊंची उड़ान के लिए हौसला मिल सके।मौके पर उपस्थित लोगों में मुख्य रूप से चाणक्य आइएएस एकेडमी वाइस प्रेसिडेंट विनय मिश्रा, जेनरल मैनेजर रीमा मिश्रा, झारखंड हेड अभिनव मिश्रा, झारखंड एकेडमिक हेड अनवर हुसैन, संस्थान के हजारीबाग ब्रांच मैनेजर अवधेश कुमार, अनुराग मिश्रा, स्मिता भारती, हजारीबाग सेंटर हेड मोहन कुमार, हजारीबाग ब्रांच मैनेजर अवधेश कुमार समेत बड़ी संख्या में अभ्यर्थी व उनके अभिभावक मौजूद थे।

Share this...
Share on Facebook
Facebook
Tweet about this on Twitter
Twitter

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *