क्या टाटा कमिंस में पांच साल का ग्रेड समझौता होगा?

जमशेदपुर। अभी ग्रेड समझौता हुआ नहीं लेकिन टाटा कमिंस कर्मचारी यूनियन शुक्रवार को बोनस और एसोसिएट ग्रॉथ प्लान (एजीपी) को लेकर प्रबंधन को पत्र सौंप डाले. ग्रेड की बजाय बोनस और एजीपी के पत्र प्रबंधन को सौंपे जाने को लेकर कर्मचारियों का कहना है कि यह ग्रेड से ध्यान भटकाने का नाटक है. अभी तक यूनियन की ओर से प्रबंधन को सौंपे गये ग्रेड के मांग पत्र (सीओडी) को न तो यूनियन के नोटिस बोर्ड पर चिपकाया गया है और न ही इस बारे में कर्मचारियों को जानकारी दी गई है. कर्मचारियों का कहना है कि यूनियन की नई टीम बोनस और एजीपी का बहाना बनाकर ग्रेड में कटौती करना चाहती है.

कर्मचारियों ने कहा कि प्रबंधन, नई टीम के साथ मिलकर ग्रेड की मियाद तीन साल की बजाय पांच साल करना चाहती है. यही कारण है कि प्रबंधन बोनस और एजीपी का सहारा लेकर कर्मचारियों का ध्यान भटकाना चाहता है. एजीपी फरवरी माह से ही लंबित है और इसे लेकर पुरानी यूनियन ने प्रबंधन को पहले ही पत्र सौंप दिया था. कर्मचारियों ने कहा कि पहले यूनियन को ग्रेड के सीओडी को सामने लाना चाहिए ताकि कर्मचारियों में ग्रेड को लेकर जो भय और संशय बरकरार है, वह दूर हो सके. उल्लेखनीय है कि यूनियन के नौ पुराने नेताओं ने अध्यक्ष और महामंत्री को पत्र लिख ग्रेड के मांग पत्र को सार्वजनिक करने की मांग की है, लेकिन अभी तक यूनियन ने इसे सार्वजनिक नहीं किया है. यूनियन नेताओं का कहना है कि कमिंस के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि ग्रेड के साथ ही बोनस और एजीपी की बात एक साथ की जाय. ये तीनों समझौते हमेशा से अलग-अलग होते आए हैं.

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