हाइवा मालिकों को मिला पूर्व विधायक अरूप चटर्जी का समर्थन

धनबाद।आम हाइवा ऑनर्स एसोसिएशन द्वारा पांच सूत्री मांगों को लेकर एमपीएल के अधीनस्थ चलने वाले हाईवा से कोयला व छाई ढुलाई का काम रविवार 7 अगस्त को तीसरे दिन भी ठप रहा. हालांकि सुबह पुलिस प्रशासन की टीम धरनास्थल पर पहुंची और बल पूर्वक आंदोलन को समाप्त कराने की कोशिश की. परंतु आंदोलनकारियों की मंशा को देखते हुए पुलिस को पीछे हटना पड़ा.

सूचना मिलने पर पूर्व विधायक अरुप चटर्जी लाव लश्कर के साथ रविवार को आंदोलन स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों का हौसला बढ़ाया. श्री चटर्जी ने कहा कि आंदोलनकारियों की मांगें जायज हैं. आंदोलन के तीसरे दिन भी प्रबंधन ने चुप्पी साध रखी है. उन्होंने कहा कि प्रबंधन को वार्ता के लिए आगे आना ही होगा. आंदोलनकारियों के रुख और पूर्व विधायक अरुप चटर्जी के हस्तक्षेप के बाद मामला विस्फोटक हो गया है. इधर प्रबंधन ने आज वार्ता कर मामले का समाधान निकाल लेने का आश्वासन श्री चटर्जी को दिया है. समाचार लिखे जाने तक आंदोलन जारी था.

एमपीएल प्रबंधन परअड़ियल रवैया अपनाने का आरोप

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे एसोसिएशन के अध्यक्ष हरिराम अग्रवाल ने कहा कि एमपीएल प्रबंधन व ट्रांसपोर्टरों के अड़ियल रवैये का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विगत 2 माह से पत्राचार करने के बावजूद ट्रांसपोर्टर बातचीत करना उचित नहीं समझ रहे हैं.  मजबूरन हमें ट्रांसपोर्टिंग ठप करनी पड़ रही है. हालांकि नुकसान हाइवा मालिकों का ही हो रहा है. एमपीएल को रेलवे रैक से कोयला मिल रहा है. कोयला ढुलाई में लगे ट्रांसपोर्टरों द्वारा भी कोयले की आपूर्ति हो जाएगी. श्री अग्रवाल ने कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि अपना नुकसान करा कर हमलोग आंदोलन के लिए बाध्य हैं. उन्होंने कहा कि बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान निकालने के लिए प्रयासरत हैं. परंतु प्रबंधन एवं ट्रांसपोर्टरों ने इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की. मौके पर प्रवीर कुमार तिवारी, परिमल मंडल, वृंदावन गोराई, रविशंकर राय, निवास मुखर्जी, सुमित्नो राय, नन्दलाल मंडल, मनोज मंडल,  धनंजय राय, राजू अग्रवाल सहित हाईवा मालिक मौजूद थे.

क्या हैं मांगें

ट्रांसपोर्टरों से पूर्व निर्धारित भाड़ा में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी, -समय सीमा के अंदर भाड़ा का भुगतान,विभिन्न कोलियरी में कोयला लोडिंग के दौरान लोडिंग चार्ज के रूप में अवैध वसूली पर रोक,भाड़ा का भुगतान समय पर करने एवं एसोसिएशन कार्यालय में स्टेटमेंट उपलब्ध कराने,-परिवहन कार्य में अधिक से अधिक स्थानीय लोगों को नियोजन देने सहित कई मांगें शामिल हैं.

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