भाजपा का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू

गिरिडीह। जैन मुनियों के तपोभूमि गिरिडीह के मधुबन में शनिवार से प्रदेश भाजपा का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर की शुरू हुआ.  प्रशिक्षण शिविर में सभी सभी सांसद और विधायक समेत सभी पूर्व विधायक,पूर्व सांसद व 24 जिलों के जिलाध्यक्ष शामिल हैं. भाजपा की रणनीति वर्ष 2024 में होने वाले आम चुनाव के साथ उसी वर्ष होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत को सुनिश्चित करने हेतु प्रमुख निर्णय लेने को है. प्रशिक्षण शिविर में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा,पूर्व मुख्यमंत्री व पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास समेत पार्टी के कई राष्ट्रीय पदाधिकारियों के भी शामिल होने की चर्चा थी.लेकिन अब तक पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, प्रदेश प्रभारी व राष्ट्रीय महामंत्री दिलीप सेकिया, प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश,केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी,भाजपा विधायक दल के नेता और पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी को छोड़ अन्य कोई बड़ा नेता नहीं पहुंचा है.

प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन प्रदेश अध्यक्ष समेत अन्य प्रमुख नेताओं ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर व भारत माता,दीनदयाल उपाध्याय, पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी के तस्वीरों पर माल्यार्पण कर किया. प्रशिक्षण शिविर से प्रदेश नेतृत्व से नाराज चल रहे और दूसरे दल में जाने की अटकलों के बीच गांडेय के पूर्व विधायक जयप्रकाश वर्मा ने खुद को दूर रखा है. पार्टी सूत्रों की माने तो उनकी नाराजगी को देखते हुए ही पार्टी ने उन्हें निमत्रण तक देना जरूरी नहीं समझा. 2019 के विधानसभा चुनाव में मिले बड़े शिकस्त के बाद इस बार के प्रशिक्षण शिविर में एकजुटता की भावना का मंत्र लिए 24 जिले के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया है. लिहाजा, १५ सत्रों में आयोजित इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में एक एक कर सभी सांसद, विधायको को आने वाले आम चुनाव और विधानसभा चुनाव को देखते हुए राज्य का किला फतह करने का टिप्स भी दिया जाएगा. इस दौरान एक साथ सभी पार्टी पदाधिकारी ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत वंदे मातरम भी गाया और पूरे प्रदेश से आए प्रतिनिधियों को आने वाले चुनाव में एकजुटत रहने की नसीहत दिया गया. मधुबन के तलहटी तीर्थ क्षेत्र के बड़े सभागार में शुरू हुए तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर से जिला कमिटी के नेताओं को दूर रखा गया है तो शिविर में गिरिडीह जिला अध्यक्ष महादेव दुबे के साथ जमुआ विधायक केदार हाजरा, नीलकंठ सिंह मुंडा, पूर्व सांसद रविंद्र पांडेय, पूर्व सदर विधायक निर्भय शाहाबादी, नागेंद्र महतो के साथ प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेश साहू समेत प्रदेश के कई नेता शामिल हो रहे है. वैसे पहले दिन और उद्घटन सत्र के उद्घाटन के कवरेज के बाद सभागार को प्रदेश नेताओं को चुनाव जीत का गुरु मंत्र और भाजपा समर्थक वोटरो के बीच मोदी सरकार की नीतियों को पहुंचाने का टिप्स देने के मकसद से बंद कर दिया गया।

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