सिंदरी में बवाल 60 नामजद सहित दो हजार उपद्रवियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

धनबाद। सिंदरी में गुरुवार को हुए बवाल मामले में जिला पुलिस ने बलियापुर व सिंदरी थाने में दो प्राथमिकी दर्ज की है. बिना इजाजत जुलूस निकालने और बड़ादाहा पंचायत भवन के सामने मजमा लगाकर सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में बलियापुर थाना में 20 नामजद और 600 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. वहीं सिंदरी थाना में 40 नामजद और 1960 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. सिंदरी थाना प्रभारी सुरेंद्र प्रसाद के मुताबिक, इनसभी पर हरवे हथियार से हमला करने, सरकारी काम में बाधा, तोड़फोड़, लूटपाट, फायरिंग, पुलिस पर हमला जैसे संगीन धाराओं के अंतर्गत एफआईआर दर्ज किया गया है. सभी आरोपी बलियापुर, बड़ादाहा, सुरूंगा, निपनियां, कुसमाटांड, परसबनिया, तथा कांड्रा बस्ती के हैं.

मालूम हो कि 25 अगस्त को सिंदरी के शहरपुरा बाजार स्थित गौरव वक्ष उर्फ लक्की सिंह के एलटाइप कार्यालय और आवास पर हमला हुआ था. ग्रामीणों के हिंसक प्रदर्शन में पाथरडीह, सिंदरी व भौंरा थाना प्रभारी जख्मी हो गए थे. इनमें भौंरा थाना प्रभारी की स्थिति अभी भी गंभीर है. उनका दुर्गापुर मिशन अस्पताल में इलाज हो रहा है.

उल्लेखनीय है कि ग्रामीणों के हिंसक प्रदर्शन में बाहरियों तेरी गुंडागर्दी नहीं चलेगी, जय झारखंड, जोहार झारखंड, आतंक फैलाना बंद करो आदि नारे ग्रामीण युवक लगा रहे थे. उन्हें संभालने में पुलिस के पसीने छूट रहे थे. लोग रुक-रुक कर पत्थर चला रहे थे. पत्थर व लाठी-डंडे की चोट से भौंरा ओपी प्रभारी हिमांशु कुमार, पाथरडीह थाना प्रभारी अभय कुमार और सिंदरी थाना प्रभारी सुरेश प्रसाद घायल हो गये. इसी बीच भाषा व खतियानी आंदोलनकारी जयराम महतो एक सफेद कार से बलियापुर की ओर से आये और लोगों को खोरठा भाषा में उग्र लोगों को समझाया कि अब बहुत हो गया है. माफिया के लिए इतना काफी है. उसके बाद ग्रामीण बलियापुर की ओर लौट गये थे. प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व मासस नेता बबलू महतो व जगदीश रवानी तथा सीताराम महतो, विकास महतो कर रहे थे.

सिंदरी डीएसपी अभिषेक कुमार ने बताया कि सिंदरी थाना में 40 नामजद व सैकड़ों अज्ञात पर मुकदमा किया गया है. वहीं बलियापुर थाने में 20 नामजद व छह सौ अज्ञात पर केस हुआ है. सिंदरी में बवाल करने वालों की पहचान वीडियो फुटेज के सहारे की जा रही है.

इधर, सिंदरी के शहरपुरा बाजार में तनाव को देखते हुए पुलिस दो दिन से कई बार गश्त कर रही है. जगह जगह पुलिस बल तैनात किए गए हैं. शुक्रवार को शहरपुरा बाजार बंदी का दिन होने के कारण सन्नाटा पसरा रहा. वहीं शनिवार को दुकानदारों को भरोसा दिलाया गया कि शांति कायम रहेगी, आप दुकानें खोलें. पुलिस की पहल पर तब दुकानें खुलीं.

लेकिन, सिंदरी नगर और बलियापुर दोनों ही जगह तनाव है. रोजाना बेधड़क सिंदरी धमकने वाले ग्रामीण नगर में प्रदेश से कतरा रहे हैं. वहीं सिंदरी के लोग भी ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से परहेज करते दिख रहे. वहीं घटना को लेकर सिंदरी नगर के युवा, प्रबुद्ध, बुजुर्ग सभी चिंतित हैं. मंत्रणा का दौर जारी है. एफआईआर में दर्ज लोगों की संख्या से आप अनुमान स्वतः लगा सकते हैं कि किस हद तक एकत्रित होकर ग्रामीण हमलावर हुए थे. यह सही मायने में चिंता का विषय है. यह वह दौर है जब सिंदरी नगर के सैकड़ों एफसीआई आवासों पर ग्रामीणों का कब्जा है. लोगों में भय धर कर गया है. दुकानदार चिंतित हैं कि अगर इसी तरह छोटी छोटी बातों पर ग्रामीण एकजुटता से हमला बोलता रहा तो माहौल खराब होने के साथ आर्थिक क्षति होना तय है, जान भी जा सकती है. एक समय था जब सिंदरी में भारी मात्रा में सीआरपीएफ जवान उपलब्ध रहते थे जो किसी विषम परिस्थिति को संभालने में सक्षम थे. लेकिन, अब सिंदरी नगर के लोग और यहां के कॉरपोरेट जगत पूरी तरह पुलिस पर निर्भर है.

सिंदरी नगर के लोग छुपछुपाते हालात पर गंभीर चर्चा कर रहे हैं. सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी विचार व्यक्त किया है. लोगों की मांग है कि धनबाद एसएसपी संजीव कुमार शहरपुरा में उपद्रवी घटना की स्वयं के स्तर से जांच करें और ग्रामीण तथा नगरवासियों के बीच बन गई खाई को पाटे.

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